मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 9.12 लाख करोड़ के बजट को नवाचार का ऐतिहासिक बजट बताया. एआई मिशन, 25 लाख युवाओं की तकनीकी ट्रेनिंग के जरिए ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तय.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के बजट को लेकर प्रदेशवासियों के नाम एक अहम संदेश जारी किया है। सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किए गए इस संदेश में मुख्यमंत्री ने बजट को “नवाचार का ऐतिहासिक बजट” करार देते हुए कहा कि बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश नवनिर्माण और विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ा है। इस दौरान राज्य में उद्यमशीलता, नवाचार और अधोसंरचना की एक मजबूत नींव रखी गई है, जिस पर अब आधुनिक तकनीक के सहारे भविष्य के उत्तर प्रदेश का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की बदलती तस्वीर, नई सोच और दीर्घकालिक विकास के विजन को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश को देश की ग्रोथ इंजन स्टेट के रूप में स्थापित किया जाए।
एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसके लिए नीति निर्माण से लेकर क्रियान्वयन तक हर स्तर पर तकनीक का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्टेट डेटा अथॉरिटी की स्थापना की जाएगी, जिससे सटीक और रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी। इससे योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीक पर फोकस
इस बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एआई मिशन, एआई डेटा लैब, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और डेटा सेंटर क्लस्टर जैसी पहल प्रदेश को वैश्विक तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। इन योजनाओं से न सिर्फ आईटी सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक सेवाओं में भी तकनीक का बेहतर इस्तेमाल संभव होगा।
25 लाख युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण
युवाओं को रोजगार योग्य बनाने पर सरकार का विशेष जोर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि टेक युवा–समर्थ युवा योजना के तहत 25 लाख युवाओं को नई और उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। एमएसएमई, ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि स्किल्ड यूथ ही प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सबसे मजबूत आधार है।
खेल और प्रतिभा विकास की दिशा में कदम
बजट में खेल अधोसंरचना के विकास को भी अहम स्थान दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर मंडल मुख्यालय वाले जनपद में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने की योजना है। इसका उद्देश्य 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए प्रदेश से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करना है। इससे खेलों के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।
महिलाओं और गरीबों पर विशेष ध्यान
सीएम योगी ने कहा कि यह बजट महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना, महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना और श्रमजीवी महिला छात्रावास जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इसके साथ ही गरीबों, किसानों (अन्नदाता) और श्रमिक वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं।
बिना नया टैक्स, बड़ा बजट

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि बिना कोई नया टैक्स लगाए ₹9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया गया है। यह बजट युवा, महिला, किसान और गरीबों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में भागीदार बनें।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश और बजट उत्तर प्रदेश को आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से नई ऊंचाइयों पर ले जाने के विजन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य अब केवल सपना नहीं, बल्कि ठोस रणनीति और योजनाओं के साथ आगे बढ़ता हुआ संकल्प बन चुका है।