आजमगढ़ में नकली नोट गैंग का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार !

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 पुलिस के मुताबिक ये गिरोह प्रिंटर के जरिए नकली नोट बनाते थे और असली नोटों की गड्डियों के बीच जाली नोट रखकर बाजारों और दुकानों में चलाते थे. जिससे नोटों की पहचान न हो सके.

उत्तर प्रदेश के Azamgarh जिले में पुलिस ने जाली नोट बनाकर बाजार में खपाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब 1.19 लाख रुपये के नकली नोट, नोट छापने के उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर, A-4 साइज के कागज, एक कार और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह काफी समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में असली नोटों के बीच छिपाकर चलाने का काम कर रहा था।

आजमगढ़ में नकली नोट गैंग का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार !
आजमगढ़ में नकली नोट गैंग का भंडाफोड़, 8 आरोपी गिरफ्तार !

यह कार्रवाई जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Dr. Anil Kumar के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस लगातार जिले में अपराध नियंत्रण और नकली करेंसी के नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत रौनापार थाना पुलिस को इस गिरोह के बारे में अहम सूचना मिली थी।

टेकनपुर पुलिया के पास मिली थी सूचना

पुलिस के अनुसार, रौनापार थाना क्षेत्र में पुलिस टीम नियमित गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि टेकनपुर पुलिया के पास एक सफेद रंग की कार में कुछ लोग जाली नोटों का लेन-देन कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई।

पुलिस ने तीन अलग-अलग टीम बनाकर इलाके की घेराबंदी कर दी। कुछ ही देर में संदिग्ध कार को घेरकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में मौजूद लोगों के पास से बड़ी मात्रा में जाली नोट बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सामने आया गिरोह का पूरा नेटवर्क

पूछताछ में सामने आया गिरोह का पूरा नेटवर्क
पूछताछ में सामने आया गिरोह का पूरा नेटवर्क

गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया। आरोपियों ने बताया कि वे लोग खुद ही जाली नोट तैयार करते थे और फिर उन्हें बाजार में असली नोटों के बीच छिपाकर चलाते थे, ताकि किसी को शक न हो।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए जीयनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर में छापेमारी की। वहां से गिरोह के दो अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इसी स्थान से जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी बरामद किए गए।

लैपटॉप और प्रिंटर से छापते थे नकली नोट

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर नकली नोट तैयार करता था। आरोपी लैपटॉप और प्रिंटर की मदद से नोटों की प्रिंटिंग करते थे। इसके लिए वे खास तरह के कागज और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करते थे ताकि नोट देखने में असली जैसे लगें।

इसके बाद ये लोग उन नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच छिपाकर बाजार में चलाने की कोशिश करते थे। कई बार ये लोग छोटे दुकानदारों या ग्रामीण इलाकों में जाकर नकली नोट खपा देते थे, जहां जांच की संभावना कम होती थी।

पुलिस को मिली कई अहम जानकारियां

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह कितने समय से इस अवैध गतिविधि में शामिल था और इनके संपर्क किन-किन जिलों या राज्यों तक फैले हुए हैं।

इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा। अगर ऐसा पाया गया तो आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

अपराध पर सख्ती जारी

एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जिले में नकली नोटों के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के आर्थिक अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस ने सभी आठ आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

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