उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को गिराए जाने के बाद विवाद और सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया, जब कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने सहारनपुर जाने के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने और बाद में खुद को हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया। इकरा हसन का कहना है कि वह सहारनपुर पहुंचकर अधिकारियों से मिलना और लोगों की आवाज उठाना चाहती थीं, लेकिन उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा था। जिला अदालत द्वारा मस्जिद पक्ष की अपील खारिज किए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। प्रशासन की ओर से संबंधित निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध बताया गया है, जबकि इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों और मुस्लिम पक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
मस्जिद गिराए जाने के बाद सहारनपुर में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।
फिलहाल, पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं जारी हैं और सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद विवाद उत्तर प्रदेश की सियासत का नया बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है।