लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) से जुड़े नेता आकाश आनंद को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान ने यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। ABP न्यूज़ के सवाल पर अखिलेश यादव ने आकाश आनंद को लेकर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा- “लेकर आएं।”
अखिलेश यादव के इस बयान को यूपी की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। आकाश आनंद लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक प्रमुख युवा दलित चेहरे के तौर पर चर्चा में रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का यह बयान सियासी समीकरणों को लेकर कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है।
हालांकि, अखिलेश यादव के बयान का सीधा मतलब किसी राजनीतिक गठबंधन या भविष्य की रणनीति से जोड़ना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन उनके बयान के बाद समाजवादी पार्टी और आकाश आनंद को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर तेज हो गई हैं।
अब सवाल यह है कि अखिलेश यादव का “लेकर आएं” वाला बयान महज एक राजनीतिक टिप्पणी है या इसके पीछे यूपी की राजनीति को लेकर कोई बड़ा संदेश छिपा है। आने वाले दिनों में इस पर तस्वीर और साफ हो सकती है।
10 बिंदुओं में बसपा चीफ ने जारी किया बयान।
बसपा चीफ ने 10 बिंदुओं के एक बयान में सोशल मीडिया साइट एक्स पर यह भी लिखा कि आकाश के ससुर अशोक ने सिर्फ इसलिए राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया ताकि उनके दामाद को बसपा में पद मिल सके।
इतना ही नहीं यूपी की पूर्व सीएम ने यहां तक आरोप लगाया कि आकाश आनंद ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर उस पोस्ट को रिपोस्ट नहीं किया जो उनके लिए सकारात्मक और भलाई के पहलू वाला था।