21 जुलाई से गूंजेगी संसद, 12 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र: रिजिजू !

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संसद के मानसून सत्र की तारीखें घोषित हो गईं हैं। मानसून सत्र की घोषणा ऐसे समय में की गई है जब विपक्षी दलों के नेता ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा करने के लिए सरकार से विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं।

देश की राजनीति एक बार फिर गरमाने वाली है, क्योंकि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दी है। इस सत्र के दौरान कई अहम विधेयकों पर चर्चा होने की उम्मीद है, साथ ही सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहसें भी देखने को मिल सकती हैं।

21 जुलाई से गूंजेगी संसद, 12 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र: रिजिजू !
21 जुलाई से गूंजेगी संसद, 12 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र: रिजिजू !

सत्र के दौरान केंद्र सरकार कई नीतिगत फैसलों और बजट से जुड़े प्रस्तावों को पेश कर सकती है। वहीं, विपक्ष भी महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और हाल की घटनाओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह सत्र रणनीतिक रूप से काफी अहम होगा।

संसद सचिवालय की ओर से जल्द ही अधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसमें सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख विषयों और संभावित बिलों की सूची भी शामिल होगी। जनता की नजर अब संसद की कार्यवाही पर टिकी है कि यह सत्र कितना प्रभावशाली और परिणामदायक रहेगा।

दरअसल , कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष की ओर से लगातार ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की जा रही है। इस बीच केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र की तारीखों का एलान किया। इस सत्र में कई अहम विधेयक पेश किए जाएंगे। सरकार ने संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से 12 अगस्त 2025 तक चलाने का निर्णय लिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी जानकारी साझा की है। 23 दिन तक संसद में अहम बिलों और मुद्दों पर चर्चा होगी। विपक्ष की ओर से इस सत्र में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हंगामे के आसार हैं।

पेश किया जा सकता है बीमा संशोधन बिल

संसद के मॉनसून सत्र में बीमा संशोधन विधेयक पेश किया जा सकता है। विधेयक में बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने की तैयारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विधेयक का मसौदा तैयार है और इसे जल्द ही मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग विधेयक को संसद में पेश करने की प्रक्रिया शुरू करेगा।

जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा 

जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा 

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के महाभियोग मामले के सिलसिले में कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और डीएमके सहित कई विपक्षी नेताओं से संपर्क किया है।

दो हिस्सों में आयोजित हुआ था बजट सत्र


इससे पहले संसद का बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया गया था। पहला सत्र 31 जनवरी को शुरू हुआ और 13 फरवरी तक चला। संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग 10 मार्च को शुरू हुआ और चार अप्रैल को समाप्त हुआ था।

राज्यसभा में कितना काम हुआ?


बजट सत्र में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने बताया था कि सदन की अब तक की सबसे लंबी बैठक गुरुवार तीन अप्रैल को हुई थी। यह तीन अप्रैल को सुबह 11 बजे शुरू हुई और चार अप्रैल को सुबह 4:02 बजे तक चली। ऊपरी सदन में रिकॉर्ड 49 निजी सदस्यों के विधेयक भी पेश किए गए। कुल मिलाकर सदन ने कुल 159 घंटे काम किया, जिसमें आधी रात के बाद 4 घंटे से अधिक समय शामिल है। इस सत्र की उत्पादकता 119 प्रतिशत रही।

लोकसभा में कितना काम हुआ?


लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया था कि संसद के निचले सदन में 26 बैठकें हो चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि कुल उत्पादकता लगभग 118 प्रतिशत रही।’ उन्होंने बताया कि बजट सत्र के दौरान 10 सरकारी विधेयक पेश किए गए। वक्फ संशोधन विधेयक और मुस्लिम वक्फ (निरसन) विधेयक सहित 16 विधेयक पारित किए गए।

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