प्रयागराज में हिंसा, सांसद चंद्रशेखर को रोके जाने के बाद पुलिस और लोगों पर पथराव, कई गाड़ियां जलाई गईं
प्रयागराज शहर सोमवार को उस वक्त हिंसा की चपेट में आ गया जब भीम आर्मी प्रमुख और आज़ाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को पुलिस ने शहर में प्रवेश करने से रोक दिया। घटना के तुरंत बाद समर्थकों में आक्रोश फैल गया और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

क्या हुआ घटनास्थल पर?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांसद चंद्रशेखर किसी दलित युवक की मौत के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने प्रयागराज आ रहे थे। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया। इसके बाद सांसद के समर्थकों की बड़ी संख्या मौके पर इकट्ठा हो गई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
तनाव उस समय हिंसा में बदल गया जब भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिस बल पर पथराव शुरू कर दिया। जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। कई दोपहिया और चारपहिया वाहन जला दिए गए, जिनमें पुलिस और आम नागरिकों की गाड़ियां शामिल थीं।
प्रशासन का क्या कहना है?
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, “कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो क्लिप के जरिए उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है और करीब 12 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
हिंसा के समय पुलिस क्या कर रही थी?
प्रयागराज के करछना में हुए बवाल के दौरान भड़ेवरा बाजार दो घंटे तक उपद्रव की आग में जलता रहा। 3:30 बजे के करीब पथराव-तोड़फोड़ करते हुए भीड़ आगे बढ़ी तो बाजार में भगदड़ मच गई। भीड़ का उग्र रूप देख पहले डायल 112 और फिर भुंडा चौकी व करछना थाने के पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए। इसके बाद भीड़ ने जमकर तांडव किया। कई थानों की फोर्स व पीएसी लेकर पहुंचे एडिशनल सीपी अपराध डॉ. अजयपाल शर्मा ने करीब 5:30 बजे काफी मशक्कत के बाद भीड़ को काबू किया।
अब तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
प्रयागराज में हिंसा करने वालों पर पुलिस का एक्शन शुरू हो गया है। अब तक हिंसा में शामिल भीम आर्मी के 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए बाकी उपद्रवियों की भी पहचान की जा रही है। हिंसा में शामिल आरोपियों पर NSA और गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी है। वहीं, हिंसा के दौरान हुई सरकारी संपत्तियों के नुकसान की भारपाई भी आरोपियों से की जाएगी।
चंद्रशेखर की प्रतिक्रिया
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद सांसद चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मुझे पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना मानवाधिकारों का हनन है। ये दलितों की आवाज़ को दबाने की कोशिश है, लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं।”
राजनैतिक हलकों में हलचल
घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य दलों ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है और चंद्रशेखर को तत्काल न्याय दिलाने की मांग की है।
आम जनता में डर और बेचैनी
घटना के बाद प्रयागराज के कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोगों में डर का माहौल है और कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।
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