लखनऊ में खुलेआम हुड़दंगई का मामला सामने आया है। यहां सड़क पर कई गाड़ियों के साथ रईसजादे हुड़दंग मचाते हुए नजर आए।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बार फिर खुलेआम हुड़दंग का मामला सामने आया है। शहर की प्रमुख सड़कों पर आधी रात के समय कई लग्जरी और स्पोर्ट्स कारों का काफिला तेज रफ्तार से दौड़ता दिखा। इन गाड़ियों में बैठे युवाओं ने न सिर्फ यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि सड़क पर खतरनाक स्टंट कर वीडियो भी बनाया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गए हैं।

जानकारी के अनुसार, यह घटना लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार और शहीद पथ इलाके की बताई जा रही है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई महंगी गाड़ियां सड़क पर बिना किसी डर के रेसिंग कर रही हैं। गाड़ियों की खिड़कियों से बाहर लटकते हुए युवक हाथ हिलाते और चिल्लाते नजर आ रहे हैं। इस दौरान सड़क पर अन्य वाहन चालक भी भयभीत हो गए और हादसों का खतरा बढ़ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह हुड़दंग देर रात करीब 12 बजे से 2 बजे तक चला। कुछ युवकों ने बाइक पर भी स्टंट किए और बीच सड़क पर गाड़ियां रोककर वीडियो शूट किया। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो को देखकर लोग आक्रोशित हैं। आम जनता का कहना है कि लखनऊ की सड़कों पर इस तरह की गुंडई आम लोगों की जान खतरे में डाल सकती है।
पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है और संबंधित वाहनों की पहचान की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने नंबर प्लेट के आधार पर गाड़ियों के मालिकों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी को भी कानून तोड़ने की छूट नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि राजधानी लखनऊ में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। इसके पहले भी कई बार रईसजादे देर रात महंगी गाड़ियों से सड़कों पर रफ्तार का खेल खेलते हुए पकड़े गए हैं। हालांकि इस बार वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियां सड़क पर हुड़दंग करती रहीं और पेट्रोलिंग टीमें कहां थीं।
राजनीतिक दलों ने भी इस मुद्दे पर सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार सिर्फ कागजों में कानून-व्यवस्था का दावा करती है, जबकि असलियत यह है कि राजधानी की सड़कों पर आम लोग सुरक्षित नहीं हैं। वहीं, भाजपा नेताओं का कहना है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर यही घटना किसी छोटे शहर या गरीब तबके से जुड़े लोगों ने की होती तो शायद पुलिस तुरंत कार्रवाई करती, लेकिन अमीर घरानों के बच्चों के मामले में अक्सर ढिलाई बरती जाती है। यही वजह है कि बार-बार इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
पुलिस सूत्रों की मानें तो वाहनों की लोकेशन और CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। कई गाड़ियों के मालिकों को नोटिस भेजा गया है और जल्द ही गिरफ्तारी भी हो सकती है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की हरकतें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग लगातार वीडियो शेयर कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लखनऊ की सड़कों पर कानून का खौफ खत्म हो गया है या फिर रईसजादों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें किसी का डर ही नहीं है।
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