लखनऊ में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुआ विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज 1 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ रविवार (31 अगस्त) की सुबह एक बड़े हादसे का गवाह बनी। राजधानी के गुडंबा थाना क्षेत्र के बेहटा बाजार इलाके में एक घर के भीतर चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हो गया। इस विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाका इतना भीषण था कि आस-पास के मकानों की दीवारें और खिड़कियां तक हिल गईं।

सुबह का सन्नाटा तोड़ता धमाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे अचानक तेज धमाके की आवाज गूंजी। लोग पहले कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन जैसे ही धुएं का गुबार और चीख-पुकार सुनाई दी, स्थानीय लोग मौके की ओर दौड़े। वहां का नजारा बेहद भयावह था। मकान के हिस्से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके थे और मलबे में लोग दबे हुए थे। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी और राहत कार्य शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल
धमाके की सूचना मिलते ही गुडंबा थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाया। मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से झुलसे हुए लोगों को ट्रॉमा सेंटर और अन्य नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। फिलहाल घायलों की संख्या आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक 7 से 8 लोग घायल बताए जा रहे हैं।
अवैध रूप से चल रही थी फैक्ट्री

पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि बेहटा बाजार क्षेत्र के एक मकान में लंबे समय से अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस अवैध फैक्ट्री की शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पटाखों के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और यही लापरवाही इस दर्दनाक हादसे का कारण बनी।
मृतकों की पहचान और घायलों का उपचार
धमाके में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि मृतकों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस और प्रशासन पीड़ित परिवारों से संपर्क साधने की कोशिश में जुटा है। घायलों का इलाज चल रहा है और कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, झुलसे हुए मरीजों को ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।
प्रशासन ने की जांच के आदेश
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। जिला प्रशासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालकों और घर के मालिक की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से पटाखा बनाने का सामान और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही जा रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
इलाके के लोगों का कहना है कि इस तरह की अवैध फैक्ट्रियों की वजह से हर वक्त खतरा बना रहता है। लोग बार-बार शिकायत करने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो ऐसे हादसे होना तय है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की फैक्ट्रियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।
सुरक्षा पर उठे सवाल
लखनऊ जैसे बड़े शहर में घनी आबादी वाले इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्री का चलना गंभीर सवाल खड़े करता है। यह हादसा न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि सुरक्षा इंतजामों पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। अगर समय रहते कार्रवाई की जाती, तो शायद दो निर्दोष लोगों की जान बच सकती थी।
निष्कर्ष
लखनऊ का यह हादसा एक बार फिर चेतावनी है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अवैध कारोबार किस तरह से लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। दो परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया और कई लोग अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस हादसे से क्या सबक लेता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कितनी गंभीरता से कदम उठाता है।