“अमित शाह का ऐलान: नक्सलवाद खत्म होने तक मोदी सरकार नहीं लेगी चैन”

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को नक्सलियों को लेकर बयान दिया है। उन्होने कहा जब तक सारे नक्सली सरेंडर नहीं करते, पकड़े नहीं जाते या उनका सफाया नहीं हो जाता, तब तक मोदी सरकार चैन से नहीं बैठेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बड़ा बयान देते हुए साफ कर दिया है कि नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करना मोदी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जब तक देश के हर कोने से नक्सलियों का सफाया नहीं हो जाता, तब तक मोदी सरकार चैन से नहीं बैठेगी। गृहमंत्री का यह बयान उन हालातों में आया है जब देश के कई राज्यों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की घटनाएँ लगातार घटित हो रही हैं।

"अमित शाह का ऐलान: नक्सलवाद खत्म होने तक मोदी सरकार नहीं लेगी चैन"
“अमित शाह का ऐलान: नक्सलवाद खत्म होने तक मोदी सरकार नहीं लेगी चैन”

नक्सलवाद पर मोदी सरकार की सख्त नीति

अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ही आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए ठोस रणनीति बनाई है। केंद्र सरकार लगातार राज्यों के साथ मिलकर ऑपरेशन चला रही है, जिसमें नक्सलियों की संख्या और उनका प्रभाव दोनों कम हुआ है। शाह ने कहा कि पिछली सरकारें इस समस्या पर केवल बात करती रहीं, लेकिन मोदी सरकार ने ज़मीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की है।

सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया

सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया
सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया

गृहमंत्री ने सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि हमारे जवानों ने नक्सलवाद से लड़ाई में अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा की है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा बलों के लिए आधुनिक हथियार, ड्रोन, ट्रैकिंग तकनीक और बेहतर सुविधाओं का इंतजाम किया है। इससे जवानों को नक्सल प्रभावित इलाकों में सफलता मिली है।

विकास को भी जोड़ा रणनीति में

अमित शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ गोली और बारूद से नक्सलवाद को नहीं मिटाया जा सकता। सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि जिन क्षेत्रों में नक्सलवाद पनप रहा है, वहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोज़गार जैसी सुविधाएँ पहुँचाई जाएँ। सरकार ने नक्सल प्रभावित जिलों में विशेष पैकेज और योजनाएँ चलाई हैं ताकि लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें और हिंसा के रास्ते को छोड़ दें।

आंकड़ों में दिख रही सफलता

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 10 वर्षों में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में लगातार गिरावट आई है। जहां कभी 200 से अधिक जिले नक्सल समस्या से जूझ रहे थे, वहीं अब यह संख्या घटकर कुछ चुनिंदा जिलों तक सीमित हो गई है। शाह ने कहा कि यह हमारी रणनीति की सफलता है और आने वाले वर्षों में नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।

विपक्ष पर निशाना

अपने बयान में अमित शाह ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो पार्टियां आज सरकार पर सवाल उठा रही हैं, वे अपने कार्यकाल में नक्सलवाद से निपटने में असफल रही थीं। मोदी सरकार का लक्ष्य है कि नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंका जाए और प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास कायम हो।

निष्कर्ष

अमित शाह का यह बयान न केवल सरकार की मंशा को स्पष्ट करता है बल्कि देशवासियों को भरोसा भी दिलाता है कि आने वाले समय में नक्सलवाद नाम की समस्या पूरी तरह खत्म कर दी जाएगी। मोदी सरकार विकास और सुरक्षा दोनों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है। गृहमंत्री के इस सख्त रुख से यह साफ है कि नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार की तैयारी जोरों पर है।

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