आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने गुरुवार को बिहार बंद को लेकर बीजेपी पर बड़ा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार बंद के दौरान भाजपा कार्यकर्ता राज्य की महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके कार्यकर्ताओं पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “गुजराती लोग बिहारी मजदूरों और युवाओं को कभी कम न आंकें।” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ता प्रदेश में समाज को बांटने और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

बीजेपी पर निशाना
लालू यादव ने पटना में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी की राजनीति केवल छल और फरेब पर टिकी हुई है। उन्होंने कहा, “बीजेपी के लोग आज भी जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। वे बिहारियों को कमजोर समझने की गलती न करें। बिहारी किसी भी राज्य में मेहनत और ईमानदारी से पहचान बनाते हैं। गुजराती हों या कोई और, बिहारी की ताकत को कभी कम मत समझिए।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ता विपक्षी दलों के नेताओं को बदनाम करने के लिए झूठी खबरें फैलाते हैं और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हैं।
बिहारी युवाओं का ज़िक्र

लालू यादव ने खास तौर पर बिहार के प्रवासी मजदूरों और युवाओं का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार का युवा जहां भी जाता है, अपनी मेहनत और बुद्धिमानी से अपना स्थान बनाता है। गुजरात, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र से लेकर खाड़ी देशों तक बिहारियों ने अपने काम से सम्मान अर्जित किया है।
उन्होंने कहा, “आज गुजरात और महाराष्ट्र की कई बड़ी इंडस्ट्रीज में बिहारी मजदूरों के बिना काम ठप हो जाएगा। लेकिन वहां भी बिहारियों को अपमानित किया जाता है। बीजेपी इन हालात पर चुप रहती है, क्योंकि उसे वोट की राजनीति करनी होती है।”
रोजगार और पलायन का मुद्दा
लालू यादव ने पलायन के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि बिहारियों को मजबूरी में अन्य राज्यों में काम ढूंढना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और बिहार में बीजेपी की सहयोगी पार्टियां इस समस्या को दूर करने के बजाय इसे और बढ़ा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अगर राज्य और केंद्र की सरकारें ईमानदारी से काम करें, तो बिहार से युवाओं को रोज़गार की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
बीजेपी कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप
आरजेडी सुप्रीमो ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई बार बीजेपी से जुड़े लोग विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज करवाते हैं और चुनावों के दौरान हिंसा फैलाते हैं।
उन्होंने कहा, “बीजेपी के कार्यकर्ता लोकतंत्र की आड़ में गुंडागर्दी करते हैं। उनके ऊपर सरकार का संरक्षण रहता है, लेकिन जनता सब देख रही है। आने वाले चुनावों में जनता बीजेपी को सबक सिखाएगी।”
आगामी चुनावों की तैयारी
लालू यादव ने इस मौके पर 2025 के विधानसभा चुनावों और आगे होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर भी कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन की सरकार जनता के लिए काम कर रही है और बीजेपी का असली चेहरा उजागर करना बेहद ज़रूरी है।
उन्होंने कहा, “बीजेपी खुद को जनता की पार्टी बताती है, लेकिन उसका असली काम गरीबों और पिछड़ों को हाशिये पर धकेलना है। हमें इसका जवाब मजबूती से देना होगा।”
विपक्ष को जोड़ने की रणनीति
लालू यादव ने इस दौरान यह भी संकेत दिया कि विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने हमेशा बदलाव का रास्ता दिखाया है और आने वाले दिनों में बीजेपी को बिहार से करारा जवाब मिलेगा।
निष्कर्ष
लालू प्रसाद यादव का यह बयान केवल गुजरात और बिहार के संदर्भ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में बिहारी समाज की पहचान और सम्मान से जुड़ा हुआ है। बीजेपी और उसके कार्यकर्ताओं पर लगाए गए आरोप राजनीतिक हलचल को और बढ़ा सकते हैं। लालू यादव के तेवर साफ हैं कि वे चुनावी साल में बीजेपी के खिलाफ सख्त रुख अपनाएंगे और ‘बिहारी पहचान’ को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाएंगे।
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