संभल प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के नेता नवाब इकबाल महमूद की संपत्ति पर कार्रवाई की गई। आरोप है कि सपा विधायक ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ है।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक इकबाल महमूद के बगीचे की जमीन से अतिक्रमण हटवा दिया। इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर साढ़े तीन बीघा जमीन को खाली कराया। पूरे इलाके में इस कदम की चर्चा हो रही है क्योंकि यह कार्रवाई सीधे तौर पर एक वरिष्ठ विधायक की संपत्ति से जुड़ी बताई जा रही है।

कैसे शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, लंबे समय से इकबाल महमूद के बगीचे की साढ़े तीन बीघा जमीन पर अवैध कब्जा होने की शिकायत प्रशासन तक पहुंच रही थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि इस जमीन का कुछ हिस्सा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने नोटिस जारी किया और कब्जाधारियों को हटने के निर्देश दिए। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब प्रशासन ने मौके पर बुलडोजर भेजकर कार्रवाई शुरू की।
प्रशासनिक अमले की मौजूदगी
अतिक्रमण हटवाने के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार, नगर पालिका के अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने सबसे पहले अवैध रूप से बनाए गए शेड और दीवार को तोड़ा, उसके बाद जमीन को पूरी तरह खाली करा दिया गया।
सपा नेताओं की प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद सपा कार्यकर्ताओं में नाराज़गी देखी गई। उनका आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। इकबाल महमूद पिछले कई दशकों से संभल की राजनीति में सक्रिय हैं और उनका सपा के साथ मजबूत जुड़ाव है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस जमीन को अतिक्रमण बताकर हटाया गया, वह वास्तव में विधायक का बगीचा है और कार्रवाई केवल दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई है।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों और जांच के बाद की गई है। अधिकारियों ने बताया कि कब्जाधारियों को कई बार नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में कानूनन कार्रवाई करना अनिवार्य हो गया था। उनका दावा है कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि पूरी तरह से न्यायसंगत और निष्पक्ष तरीके से की गई है।
इलाके में चर्चा
संभल की इस कार्रवाई ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। आम लोगों के बीच यह चर्चा है कि सरकार और प्रशासन अब बड़े राजनीतिक चेहरों से जुड़े मामलों में भी सख्ती दिखाने से पीछे नहीं हट रहे। कई स्थानीय लोग प्रशासनिक कदम का स्वागत कर रहे हैं और इसे कानून के राज को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बता रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे राजनीति से प्रेरित बताते हुए सवाल भी उठा रहे हैं।
आगे की स्थिति
बुलडोजर एक्शन के बाद प्रशासन ने इस जमीन पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण न होने देने के निर्देश दिए हैं। पुलिस बल कुछ समय तक मौके पर मौजूद रहेगा ताकि किसी भी प्रकार की दोबारा कब्जे की कोशिश न हो सके।
निष्कर्ष
संभल में हुई इस कार्रवाई ने जहां स्थानीय लोगों को राहत दी है, वहीं राजनीतिक हलकों में हलचल भी मचा दी है। इकबाल महमूद जैसे वरिष्ठ सपा विधायक के बगीचे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक विवाद का कारण बन सकती है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश में अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर नीति अब केवल आम लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनीतिक हस्तियों से जुड़ी जमीनों पर भी लागू हो रही है।