राजधानी दिल्ली में दिवाली से पहले एयर क्वालिटी खराब हो गई है। यहां का एक्यूआई 200 के पार हो गया, जिसके बाद अब दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान- स्टेज I (GRAP-I) को लागू करने का आदेश दिया गया है।
दिल्ली में दिवाली से पहले ही प्रदूषण ने दस्तक दे दी है। राजधानी की हवा अब “खराब” श्रेणी में पहुंच चुकी है। मंगलवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के पार दर्ज किया गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण (GRAP-I) को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया। यह कदम वायु प्रदूषण की बढ़ती समस्या पर शुरुआती नियंत्रण के लिए उठाया गया है।

क्या है मौजूदा स्थिति
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली का औसत AQI 209 दर्ज किया गया, जो “Poor” श्रेणी में आता है। कई इलाकों में स्थिति इससे भी बदतर रही।
- आनंद विहार में AQI 240,
- रोहिणी में 230,
- ITO पर 225,
- जबकि द्वारका और नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता 200 से ऊपर दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक, तापमान में गिरावट और हवा की गति धीमी होने से प्रदूषक कण वातावरण में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं। इसके साथ ही पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी और वाहनों का उत्सर्जन दिल्ली की हवा को और खराब कर रहा है।
GRAP-1 लागू होने का मतलब क्या है
CAQM द्वारा लागू किया गया GRAP (Graded Response Action Plan) एक चार-स्तरीय आपातकालीन प्रणाली है, जो प्रदूषण के स्तर के अनुसार अलग-अलग चरणों में लागू होती है।
- चरण-1 (Poor) : जब AQI 201–300 के बीच होता है।
- चरण-2 (Very Poor) : AQI 301–400 के बीच।
- चरण-3 (Severe) : AQI 401–450 के बीच।
- चरण-4 (Severe+) : AQI 450 से ऊपर होने पर लागू।
वर्तमान में लागू GRAP-1 के तहत दिल्ली और एनसीआर में कई एहतियाती कदम तुरंत प्रभाव से लागू किए जाएंगे।
GRAP-1 के तहत लागू होंगे ये कदम
- निर्माण और धूल नियंत्रण:
सभी निर्माण एजेंसियों को धूल नियंत्रण के सख्त उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन और वॉटर स्प्रिंकलर का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। - सड़क सफाई और पानी का छिड़काव:
नगर निगमों को सड़कों पर नियमित मशीन से सफाई और पानी के छिड़काव का आदेश दिया गया है ताकि धूल के कण हवा में न फैलें। - कचरा जलाने पर रोक:
खुले में कचरा या पत्तियां जलाने पर सख्त रोक लगाई गई है। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। - वाहन प्रदूषण नियंत्रण:
PUC (Pollution Under Control) प्रमाणपत्र के बिना वाहनों के चलने पर कार्रवाई होगी। - जनता से अपील:
नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने, कार शेयरिंग अपनाने और गैर-जरूरी निजी वाहनों का उपयोग सीमित करने की अपील की गई है।
आगे की तैयारी: GRAP-2 की चेतावनी
CAQM ने कहा है कि अगर हवा की गुणवत्ता अगले कुछ दिनों में और बिगड़ती है, तो GRAP-2 भी लागू किया जा सकता है। इसका मतलब होगा — डीज़ल जेनरेटर पर रोक, बड़े निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध और स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं की संभावना।
त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता

दिवाली और छठ जैसे त्योहारों से पहले प्रदूषण का स्तर बढ़ने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। हर साल इस मौसम में पराली, पटाखे और मौसमीय परिस्थितियों के कारण दिल्ली-एनसीआर की हवा “Severe” श्रेणी में पहुंच जाती है।
इस बार भी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर पराली जलाने के मामलों और पटाखों पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो नवंबर के पहले सप्ताह तक AQI 400 से ऊपर पहुंच सकता है।
सरकार और एजेंसियों की तैयारी
दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि प्रदूषण से निपटने के लिए सभी विभाग अलर्ट पर हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है, “हमने 13 बिंदुओं वाला विंटर एक्शन प्लान लागू कर दिया है। धूल नियंत्रण, पराली प्रबंधन और प्रदूषण की निगरानी के लिए टीमें गठित की गई हैं।”
साथ ही दिल्ली में 13 हॉटस्पॉट इलाकों — जैसे आनंद विहार, वज़ीरपुर, ओखला और मयूर विहार — में विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है।
लोगों से सहयोग की अपील
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के कदम तब तक कारगर नहीं होंगे जब तक आम लोग भी सहयोग न करें। वाहनों का उपयोग कम करना, पटाखों से परहेज करना और धूल फैलाने वाले कार्यों को सीमित करना बेहद ज़रूरी है।
फिलहाल, GRAP-1 के लागू होने के साथ ही दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की कोशिशें तेज़ हो गई हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये शुरुआती कदम दिवाली और सर्दियों के मौसम में आने वाले “स्मॉग सीजन” को रोक पाने में पर्याप्त साबित होंगे या नहीं — इसका जवाब आने वाले हफ्तों में साफ़ होगा।
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