BCCI का बड़ा फैसला – रोहित और विराट दोनों को खेलना होगा डोमेस्टिक क्रिकेट !

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रोहित शर्मा और विराट कोहली जल्द ही फिर से डोमेस्टिक क्रिकेट खेलते हुए नजर आएंगे। बीसीसीआई ने इसको लेकर अपनी मंशा साफ कर दी है।

भारतीय क्रिकेट टीम के दो सबसे बड़े नाम, रोहित शर्मा और विराट कोहली, एक बार फिर सुर्खियों में हैं। दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने हाल ही में टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर अपने लंबे करियर के एक अहम अध्याय का अंत किया। हालांकि, वे अब भी वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया के अहम सदस्य बने हुए हैं। लेकिन अब इन दोनों को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से एक नया निर्देश सामने आया है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

BCCI का बड़ा फैसला – रोहित और विराट दोनों को खेलना होगा डोमेस्टिक क्रिकेट !
BCCI का बड़ा फैसला – रोहित और विराट दोनों को खेलना होगा डोमेस्टिक क्रिकेट !

सूत्रों के अनुसार, BCCI ने रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों को निर्देश दिया है कि जब भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेक या खाली समय मिले, वे घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लें। बोर्ड का मानना है कि वरिष्ठ खिलाड़ियों की उपस्थिति घरेलू टूर्नामेंट्स में न केवल युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी, बल्कि यह उनके अपने फॉर्म और फिटनेस को बनाए रखने में भी मददगार साबित होगी।

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जानकारी के मुताबिक, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए विजय हजारे ट्रॉफी (वनडे डोमेस्टिक टूर्नामेंट) के कुछ मैच खेलने के लिए हामी भर दी है। माना जा रहा है कि वे मुंबई टीम की ओर से मैदान में उतर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि रोहित खुद भी इस बात को मानते हैं कि घरेलू क्रिकेट में खेलने से उन्हें अपनी बल्लेबाजी की लय बनाए रखने में मदद मिलेगी, खासकर जब वे सीमित ओवरों के प्रारूप में सक्रिय हैं।

वहीं, विराट कोहली को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। हालांकि, बीसीसीआई अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सभी वरिष्ठ खिलाड़ियों, चाहे वे किसी भी स्तर पर हों, उन्हें घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेने की अपेक्षा की जाती है। बताया जा रहा है कि बोर्ड अब इस नीति को सख्ती से लागू करेगा ताकि खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धी मैच फिटनेस बनी रहे।

एक वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “हम चाहते हैं कि खिलाड़ी सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर निर्भर न रहें। घरेलू टूर्नामेंट भारतीय क्रिकेट की रीढ़ हैं। जब हमारे स्टार खिलाड़ी इनमें हिस्सा लेते हैं, तो यह न सिर्फ टूर्नामेंट की गुणवत्ता बढ़ाता है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनता है।”

वहीं, कोचिंग स्टाफ और चयनकर्ताओं का भी यही मानना है कि डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलने से खिलाड़ियों को मैच प्रैक्टिस मिलती है, जो लंबे ब्रेक के बाद वापसी के लिए बेहद जरूरी होती है। चयन समिति चाहती है कि सभी सीनियर खिलाड़ी देश के घरेलू ढांचे से जुड़े रहें, ताकि नए खिलाड़ियों के साथ तालमेल और मेंटरशिप की प्रक्रिया भी जारी रहे।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम में नए खिलाड़ियों का आगमन तेज़ी से हो रहा है और 2026 टी20 विश्व कप तथा 2027 वनडे विश्व कप को लेकर टीम की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में बोर्ड नहीं चाहता कि दिग्गज खिलाड़ी लंबे अंतराल के बाद सीधे बड़े टूर्नामेंटों में उतरें।

बीसीसीआई के इस कदम को क्रिकेट विशेषज्ञों ने सराहा है। पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने कहा, “यह बहुत अच्छा फैसला है। दुनिया के बड़े क्रिकेट राष्ट्र जैसे ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में भी सीनियर खिलाड़ी बीच-बीच में डोमेस्टिक क्रिकेट खेलते हैं। इससे उन्हें नई चुनौतियों से जूझने और अपनी तकनीक को निखारने का मौका मिलता है।”

रोहित शर्मा के विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने से टूर्नामेंट को भी बड़ा फायदा होगा। मुंबई की टीम पहले से ही मजबूत मानी जाती है, और रोहित की मौजूदगी से उसका मनोबल और बढ़ेगा। वहीं, अगर विराट कोहली भी इस नीति के तहत रणजी ट्रॉफी या किसी अन्य टूर्नामेंट में उतरते हैं, तो यह घरेलू क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पल होगा।

इस कदम से एक बात तो साफ है कि बीसीसीआई अब खिलाड़ियों से “कंटीन्यूस क्रिकेट” की उम्मीद रखती है। चाहे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो या घरेलू मैदान पर — प्रदर्शन अब हर जगह मायने रखेगा। बोर्ड का मानना है कि खेल के प्रति निरंतर जुड़ाव ही खिलाड़ियों को फॉर्म में बनाए रखता है और युवाओं को सही उदाहरण देता है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रोहित शर्मा कब विजय हजारे ट्रॉफी के लिए मैदान में उतरेंगे और क्या विराट कोहली भी बोर्ड के निर्देशों का पालन करते हुए घरेलू क्रिकेट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे। इतना तय है कि बीसीसीआई का यह कदम भारतीय क्रिकेट के भविष्य को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास है।

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