दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार धमाके के बाद पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। इस बीच बिहार के गया जिले स्थित विश्वप्रसिद्ध महाबोधि मंदिर की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। मंदिर परिसर में अब बहुस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।

🔹 हाई अलर्ट पर गया प्रशासन
बिहार पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देशों के बाद गया जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने महाबोधि मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अब मंदिर में प्रवेश करने से पहले हर श्रद्धालु और पर्यटक को कई स्तरों पर जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा।
मंदिर परिसर के चारों ओर पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि आसपास के इलाकों में बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड को भी सक्रिय रखा गया है।
गया के एसएसपी अशोक प्रसाद ने बताया,
“दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। महाबोधि मंदिर अंतरराष्ट्रीय महत्व का स्थल है, इसलिए इसकी सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।”
🔹 हर स्तर पर चेकिंग प्वाइंट
मंदिर परिसर में अब प्रवेश से पहले तीन लेयर में सुरक्षा जांच की व्यवस्था की गई है।
- पहला चेकिंग पॉइंट मंदिर के मुख्य द्वार पर बनाया गया है, जहां श्रद्धालुओं की तलाशी और लगेज स्कैनिंग की जा रही है।
- दूसरा चेकिंग पॉइंट मंदिर के मध्य क्षेत्र में है, जहां मेटल डिटेक्टर और हैंड स्कैनर से जांच की जा रही है।
- तीसरा और सबसे सख्त पॉइंट मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर बनाया गया है। यहां सिर्फ सुरक्षा क्लियरेंस के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।
इसके अलावा, लगेज स्कैनर मशीनें भी लगाई गई हैं ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु को परिसर में लाने से पहले ही पकड़ा जा सके।
🔹 सीसीटीवी निगरानी और कंट्रोल रूम सक्रिय
मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है, और सभी कैमरों को सीधे एक सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। कंट्रोल रूम में सुरक्षा कर्मियों को 24 घंटे की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने बताया कि सीसीटीवी की लाइव फीड लगातार मॉनिटर की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश हैं। इसके साथ ही स्थानीय खुफिया इकाइयों को भी मंदिर क्षेत्र में सक्रिय रहने को कहा गया है।
🔹 2013 के सीरियल ब्लास्ट की याद ताजा
महाबोधि मंदिर में सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय 2013 की घटना को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
7 जुलाई 2013 को मंदिर परिसर में एक के बाद एक 10 सिलसिलेवार धमाके हुए थे, जिनसे पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। हालांकि उस घटना में किसी की मौत नहीं हुई थी, लेकिन कई श्रद्धालु और भिक्षु घायल हुए थे।
उस समय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच संभाली थी और बाद में कई आतंकी संगठनों के लिंक सामने आए थे।
🔹 अंतरराष्ट्रीय महत्व का तीर्थ स्थल
महाबोधि मंदिर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त है। यहां हर साल देश-विदेश से लाखों बौद्ध श्रद्धालु आते हैं। यह वह स्थल है जहां भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, इसलिए इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद बड़ा है।
इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां इसे “संवेदनशील जोन” मानती हैं। दिल्ली ब्लास्ट के बाद मंदिर को लेकर खुफिया अलर्ट जारी किया गया है।
🔹 सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त पेट्रोलिंग
मंदिर परिसर के आसपास स्थानीय पुलिस, बीएसएफ और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त पेट्रोलिंग की जा रही है। इसके अलावा, मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर नाके और बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
गया प्रशासन ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जांच प्रक्रिया में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
🔹 निष्कर्ष
दिल्ली में लाल किला के पास हुए धमाके के बाद पूरे देश में सुरक्षा अलर्ट घोषित किया गया है। ऐसे में बिहार का महाबोधि मंदिर, जो न केवल धार्मिक बल्कि अंतरराष्ट्रीय धरोहर स्थल भी है, सुरक्षा एजेंसियों के फोकस में आ गया है।
2013 के सीरियल ब्लास्ट की यादें ताजा होने के बाद प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इसलिए इस बार सुरक्षा इंतजाम पहले से ज्यादा मजबूत किए गए हैं ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर दर्शन कर सकें।
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