उमर अंसारी के निकाह में बेहद कम लोग शामिल हुए थे। इसकी जानकारी भी मीडिया को नहीं दी गई थी। हालांकि, निकाह में शामिल कुछ लोगों ने वीडियो और फोटो जारी किए। निकाह 15 अक्टूबर को हुआ था।
बाहुबली नेता और पूर्व विधायक रहे मुख्तार अंसारी के निधन के बाद पहली बार अंसारी परिवार में किसी बड़े पारिवारिक समारोह का आयोजन हुआ। 15 नवंबर को उनके बेटे उमर अंसारी का निकाह दिल्ली में संपन्न हुआ। यह निकाह दिल्ली के अशोक लॉन में आयोजित किया गया, जिसे पूरी तरह निजी रखा गया। चुनिंदा परिजनों और परिवार के बेहद करीबी लोगों की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से रस्में पूरी हुईं। हालांकि माहौल खुशियों से भरा था, लेकिन कई पल ऐसे भी थे जब उमर स्वयं को भावनाओं पर काबू नहीं कर पाए।

पिता मुख्तार अंसारी की याद में भावुक हुए उमर
निकाह की रस्मों से पहले और बाद में उमर अंसारी कई बार भावुक दिखे। परिजनों के अनुसार, उमर ने मरहूम पिता मुख्तार अंसारी को याद करते हुए कहा कि उनकी गैर-मौजूदगी जीवन का सबसे बड़ा खालीपन है, खासकर ऐसे मौके पर जब हर बेटे को अपने पिता का आशीर्वाद और हाथ अपने सिर पर चाहिए होता है। निकाह से पहले उमर कुछ देर अकेले बैठे रहे और पिता की यादों में खो गए। बताया जाता है कि उन्होंने पिता की तस्वीर अपने पास रखी और उसी के सामने दुआ की।
मुख्तार अंसारी का अप्रैल 2024 में निधन हो गया था। उनकी मौत के बाद से परिवार लगातार भावनात्मक दौर से गुजर रहा है। उमर अंसारी और उनके भाई बाहुबली नेता अब्बास अंसारी भी अपने पिता की विरासत और परिवार को संभालने में व्यस्त हैं। इस बीच उमर का निकाह परिवार के लिए आशा और नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है।
मां अफशा अंसारी शादी में नहीं पहुंच पाईं
इस विवाह समारोह में एक और भावुक कर देने वाली बात यह रही कि उमर की मां, अफशा अंसारी, निकाह में शामिल नहीं हो सकीं। उनके न आने की वजह का आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन परिवार के करीबी बताते हैं कि स्वास्थ्य और परिस्थितियों के कारण वह दिल्ली नहीं पहुंच सकीं। मां की गैर-मौजूदगी ने भी उमर को भावुक कर दिया। शादी के दौरान कई बार उन्होंने अपनी मां के बारे में बात की और कहा कि उनका आशीर्वाद हमेशा उनके साथ है।
निकाह समारोह पूरी तरह निजी रहा

अंसारी परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों और निजी माहौल बनाए रखने के लिए समारोह को काफी सीमित रखा गया था। कुछ गिने-चुने लोग ही शामिल हुए और मीडिया को भी दूर रखा गया। निकाह की रस्में सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुईं।
हालांकि, सोशल मीडिया पर निकाह की झलकियां सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि मुख्तार अंसारी की राजनीतिक विरासत पूर्वांचल की राजनीति में अब भी प्रभाव रखती है।
17 नवंबर को दिल्ली में होगा भव्य रिसेप्शन
निकाह के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा 17 नवंबर को दिल्ली में होने वाले रिसेप्शन की है। बताया जा रहा है कि यह आयोजन कहीं अधिक भव्य होगा और कई बड़े राजनीतिक चेहरे इसमें शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी (सपा) के कई वरिष्ठ नेताओं को इसमें आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि एसपी के दिग्गज नेता, अंसारी परिवार के करीबी राजनेता और कुछ अन्य दलों के नेता भी इस समारोह में दिख सकते हैं।
चूंकि मुख्तार अंसारी का राजनीतिक संबंध सपा से लंबे समय तक रहा, ऐसे में सपा नेताओं की मौजूदगी की चर्चा स्वाभाविक है।
अंसारी परिवार के लिए नया अध्याय
मुख्तार अंसारी के निधन के बाद कई तरह की चुनौतियों से घिरे अंसारी परिवार के लिए यह समारोह जीवन में एक सकारात्मक मोड़ माना जा रहा है। राजनीतिक हलकों में भी इसे अंसारी परिवार की भविष्य की रणनीति, पारिवारिक एकजुटता और सामाजिक जुड़ाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
उमर की शादी को लेकर परिवार और समर्थकों में उत्साह है। लेकिन पिता और मां की अनुपस्थिति के कारण यह खुशियां कुछ पल के लिए भावनाओं में भी बदल गईं।
निकाह की सादगी, भावनाओं का रंग और आगामी भव्य रिसेप्शन—इन सबके बीच उमर अंसारी की शादी अंसारी परिवार के लिए यादगार और भावुक अध्याय बन गई है।