राम मंदिर ध्वजारोहण: अयोध्या में बड़े पैमाने पर रूट डायवर्जन लागू !

श्रीराम मंदिर में 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह को देखते हुए अयोध्या में कड़े ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए हैं. कई मुख्य मार्गों पर आम वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा.

अयोध्या में 25 नवंबर 2025 को श्रीराम मंदिर में होने वाला भव्य ध्वजारोहण समारोह पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए गए हैं। शादी-ब्याह के चरम सीजन में यह ट्रैफिक प्लान उन लोगों को खासतौर पर प्रभावित करेगा जो इस दौरान अयोध्या या उसके आसपास के इलाकों में आने-जाने की योजना बना रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि 24 नवंबर की शाम 6 बजे से पौष मास की समाप्ति तक अनेक रूटों पर प्रतिबंध, डायवर्जन और नियंत्रित यातायात व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। आवश्यक सेवाओं और पास धारकों को ही सीमित प्रवेश मिलेगा।

राम मंदिर ध्वजारोहण: अयोध्या में बड़े पैमाने पर रूट डायवर्जन लागू !
राम मंदिर ध्वजारोहण: अयोध्या में बड़े पैमाने पर रूट डायवर्जन लागू !

ध्वजारोहण समारोह के दौरान अयोध्या में लाखों की संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर है, और यह बड़ा धार्मिक आयोजन भीड़ को कई गुना बढ़ा सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने न केवल अयोध्या शहर के भीतर, बल्कि राजधानी लखनऊ सहित 16 जिलों के मार्गों पर भी रूट प्लान में बदलाव किए हैं। यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अन्य बड़े कार्यक्रमों की तरह इस समारोह का प्रभाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह जाएगा, बल्कि क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, हाईवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी पड़ेगा।

यदि आप फैजाबाद, बस्ती, गोंडा, अम्बेडकरनगर, सुल्तानपुर, बाराबंकी, लखनऊ, या आसपास के किसी भी जिले से अयोध्या की ओर यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो यह ट्रैफिक अपडेट आपके लिए बेहद जरूरी है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कई मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाई जाएगी और केवल वे लोग ही प्रवेश कर पाएंगे जिनके पास जारी किया गया विशेष पास होगा। आम वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से ही होकर गुजरना पड़ेगा। यह कदम भीड़ को नियंत्रित करने, आपातकालीन सेवाओं को सुचारु बनाए रखने और किसी भी अव्यवस्था से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है।

अयोध्या से आने-जाने वाले मुख्य हाईवे—जैसे लखनऊ-फैजाबाद हाईवे, गोंडा मार्ग, सुल्तानपुर रोड, और बस्ती होते हुए आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग—पर लंबी दूरी की बसें और निजी वाहन डायवर्ट किए जाएंगे। कई स्थानों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हल्के वाहनों को भी निर्धारित वैकल्पिक रूटों से ही प्रवेश या निकास मिलेगा। इसके अलावा शहर के भीतर अंतिम 5–10 किलोमीटर का सफर कई लोगों को पैदल ही तय करना पड़ सकता है, क्योंकि राम जन्मभूमि परिसर के निकट वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी।

यात्रियों और श्रद्धालुओं से प्रशासन ने अपील की है कि वे समारोह के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, और यदि अत्यंत आवश्यक हो तभी अयोध्या की ओर प्रस्थान करें। ऑनलाइन जारी किए गए रूट मैप्स और लाइव ट्रैफिक अपडेट पर नजर बनाए रखना भी बेहद जरूरी बताया गया है। शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए प्रशासन ने बार-बार चेताया है कि यदि आप किसी कार्यक्रम में शामिल होने या मेहमानों को लाने-ले जाने की योजना बना रहे हैं तो अपने मार्ग पहले ही तय कर लें और अतिरिक्त समय लेकर ही यात्रा करें, ताकि ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से आपको असुविधा न हो।

अयोध्या शहर के भीतर भी कई मार्गों पर एक-तरफा यातायात लागू रहेगा। मंदिर परिसर और परिक्रमा मार्ग के आसपास किसी भी प्रकार का निजी वाहन प्रवेश नहीं करेगा। यात्री पार्किंग के लिए बाहरी क्षेत्रों में बनाए गए विशेष पार्किंग ज़ोन का ही उपयोग कर सकेंगे। वहां से शटल सेवाएं चलाने पर भी विचार किया जा रहा है, हालांकि अंतिम निर्णय समारोह से ठीक पहले जारी होगा।

सुरक्षा बलों, ट्रैफिक पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और धार्मिक समितियों के बीच व्यापक समन्वय किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। प्रशासन ने कहा है कि ध्वजारोहण समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है बल्कि यह अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर और उसकी बढ़ती वैश्विक पहचान का भी हिस्सा है। ऐसे में जनता का सहयोग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए बेहद आवश्यक है।

कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में अयोध्या और आसपास के ज़िलों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने, रूट मैप पहले से जांचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। समारोह के दौरान लागू ट्रैफिक प्लान लाखों लोगों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर बनाया गया है, और इसके पालन से ही शहर में व्यवस्था सुचारु रह सकेगी।

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