पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला बोला है. अखिलेश यादव ने बीजेपी को राष्ट्र विवादी पार्टी बताया है.
उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर तेज़ बयानबाज़ी से गरमा उठी है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बड़ा हमला बोलते हुए उसे ‘राष्ट्रवादी नहीं, बल्कि राष्ट्र विवादी पार्टी’ करार दिया। उनका यह बयान आते ही प्रदेश का राजनीतिक तापमान बढ़ना तय माना जा रहा है। अखिलेश के इस टिप्पणी ने न केवल बीजेपी पर सीधे निशाना साधा है, बल्कि वर्तमान राजनीतिक माहौल को भी नई दिशा दे दी है।

अखिलेश यादव ने यह बयान इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार हर मुद्दे पर जिम्मेदारी से बचती है और जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं दिखाई देती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और फैसलों ने देश और उसके नागरिकों को परेशानी में डाल दिया है, इसलिए बीजेपी को ‘राष्ट्रवादी’ बताने का कोई औचित्य नहीं रह गया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल राष्ट्रवाद की बात करती है, परंतु उसके कार्य राष्ट्रहित के विपरीत रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “अगर कोई पार्टी जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती, अगर कोई सत्ता में रहते हुए भी लोगों को राहत देने में विफल रहती है, तो वह राष्ट्रवादी नहीं हो सकती। ऐसे में उसे राष्ट्र-विवाद और राष्ट्र-विरोध की राजनीति करने वाली पार्टी कहने में कोई गलत नहीं है।”
इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने अपने बयान में हाल ही के इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे रहे, लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस कंपनियों की मनमानी रोकने में सरकार नाकाम साबित हो रही है और इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि “फ्लाइट रद्द होने से मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार की खामोशी शर्मनाक है। ऐसे में क्या यह राष्ट्रहित है? क्या यही जिम्मेदारी है?” उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार एयरलाइंस पर लगाम लगाने के बजाय उन्हें खुली छूट दे रही है।
यूपी की सियासत में बढ़ती गर्मी
अखिलेश के इस सख्त बयान ने यूपी की राजनीति में एक बार फिर नए विवाद को जन्म दे दिया है। बीजेपी जहां लगातार सपा और विपक्षी दलों पर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सवाल उठाती रही है, वहीं अखिलेश यादव के इस जवाब ने राजनीतिक जंग को नई दिशा दे दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बयान के सियासी असर देखने को मिलेंगे।
चूंकि यूपी में आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाएँ होने वाली हैं, ऐसे में अखिलेश का यह तीखा हमला बीजेपी की रणनीति को चुनौती देने वाला कदम माना जा रहा है। सपा और बीजेपी के बीच वाकयुद्ध पहले भी कई बार देखा गया है, लेकिन इस बार का आरोप सीधे पार्टी की वैचारिक पहचान पर सवाल उठाता है, जो इसे और गंभीर बनाता है।
बीजेपी की संभावित प्रतिक्रिया
हालांकि बीजेपी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, परंतु पार्टी के सूत्रों का कहना है कि अखिलेश का यह बयान बौखलाहट में दिया गया राजनीतिक वक्तव्य है। बीजेपी नेता अक्सर कहते रहे हैं कि विपक्ष केवल आरोप लगाने में व्यस्त है और जनता के मुद्दों पर कोई ठोस योजना नहीं रखता।
संभावना है कि बीजेपी नेता इस बयान पर पलटवार करेंगे और सपा की पिछली सरकारों के कार्यकाल का हवाला देकर अखिलेश की आलोचना करेंगे।
जनता की नजर में मुद्दा
फ्लाइट कैंसिलेशन से परेशान हुए यात्रियों की प्रतिक्रियाएँ भी सरकार और एयरलाइंस पर सवाल उठाती दिखीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने हवाई अड्डों की अव्यवस्था और फ्लाइट देरी पर नाराजगी जताई थी। ऐसे में अखिलेश यादव ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
कुल मिलाकर, अखिलेश यादव के “राष्ट्र विवादी पार्टी” वाले बयान ने यूपी की सियासत को गर्म कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र रहेगा, क्योंकि यह सिर्फ बयान नहीं, बल्कि बीजेपी के राष्ट्रवाद के पूरे दावे को चुनौती देने जैसा है।