अंबेडकर विरासत संरक्षण के लिए यूपी सरकार का ऐतिहासिक फैसला !

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CM योगी ने लखनऊ में महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए यूपी में सभी अम्बेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए छत और बॉउंड्री वॉल बनाने का फैसला घोषित किया.

लखनऊ में सोमवार को आयोजित महापरिनिर्वाण दिवस के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला घोषित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब बाबा साहेब की प्रतिमाओं और उनसे जुड़े स्मारकों की सुरक्षा को लेकर नई नीति लागू करेगी। इस घोषणा को सामाजिक न्याय और दलित समुदाय की भावनाओं से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

अंबेडकर विरासत संरक्षण के लिए यूपी सरकार का ऐतिहासिक फैसला !
अंबेडकर विरासत संरक्षण के लिए यूपी सरकार का ऐतिहासिक फैसला !

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले, तहसील, ब्लॉक और गांव में जहां-जहां डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समुचित व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ सरकारी औपचारिकता का हिस्सा नहीं, बल्कि बाबा साहेब के योगदान और उनकी प्रेरणादायक विरासत का सम्मान है, जिसे किसी भी कीमत पर सुरक्षित और संरक्षित रखा जाना चाहिए।

प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए बनेगी नई व्यवस्था

प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए बनेगी नई व्यवस्था
प्रतिमाओं की सुरक्षा के लिए बनेगी नई व्यवस्था

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश भर में अंबेडकर की प्रतिमाओं के लिए बाउंड्री वॉल, छत और संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर प्रतिमाओं को मौसम, असामाजिक तत्वों या देखभाल की कमी के कारण क्षति पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में एक व्यवस्थित और व्यापक योजना की जरूरत थी, ताकि इन धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सीएम योगी ने निर्देश दिया कि स्थानीय प्रशासन जल्द ही सर्वे कर यह पता लगाए कि कहां-कहां प्रतिमाओं की स्थिति बेहतर करने और सुरक्षा को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इस पूरी प्रक्रिया के लिए बजट का प्रावधान भी करेगी, जिससे किसी भी स्तर पर कार्य प्रभावित न हो।

बाबा साहेब की चेतावनियों को याद किया

अपने संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनके द्वारा दिए गए सामाजिक संदेशों को भी याद किया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने अंबेडकर की चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसका खामियाजा समाज को भुगतना पड़ा।

बाबा साहेब की चेतावनियों को याद किया
बाबा साहेब की चेतावनियों को याद किया

सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब ने समय रहते चेताया था कि यदि समाज में समानता और न्याय नहीं होगा, तो असमानता की जड़ें गहराती जाएंगी। उन्होंने कहा कि उनकी चेतावनियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी छह दशक पहले थीं। योगी ने कहा कि वर्तमान समय में उनकी विचारधारा को सिर्फ याद करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे व्यवहार में लाना आवश्यक है।

समाज को समानता और एकता का संदेश

महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक समरसता और समानता का संदेश देते हुए लोगों से आग्रह किया कि वे अंबेडकर द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत हो सकता है, जब सभी वर्गों को बराबरी का अधिकार मिले और प्रत्येक नागरिक को उसके सम्मान और अधिकार के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिले।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार बाबा साहेब के आदर्शों पर चलते हुए ऐसे कदम उठा रही है, जिनसे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि अंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा की नई नीति यही दर्शाती है कि राज्य सरकार उनकी विरासत को सिर्फ संरक्षित नहीं, बल्कि सम्मानित भी करना चाहती है।

राजनीतिक महत्व भी बड़ा

योगी की इस घोषणा को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यूपी में दलित मतदाताओं का बड़ा आधार है, और उनकी भावनाएं अंबेडकर की विरासत से गहराई से जुड़ी हैं। सरकार के इस कदम को दलित वर्ग के प्रति सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही, इस घोषणा के जरिए योगी सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि उसकी प्राथमिकता सामाजिक न्याय और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा है।

आगे का रास्ता

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नई नीति का मसौदा जल्द तैयार किया जाए और इसे राज्यभर में लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि यह पहल डॉ. अंबेडकर के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगी कि बाबा साहेब की विरासत उत्तर प्रदेश की अस्मिता का अभिन्न हिस्सा है।

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