जी राम जी बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, रोजगार स्कीम में बड़े बदलाव—जानिए क्या बदला !

1766319347
71 / 100 SEO Score

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत जी राम जी विधेयक 2025 को मंजूरी दी है. बिल गुरुवार को राज्यसभा में पारित कर दिया गया था.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकसित भारत जी राम जी विधेयक 2025 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह अब नया कानून लागू हो गया है। सरकार ने इस नई योजना का नाम विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM-G कानून 2025 रखा है। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद यह विधेयक अब औपचारिक रूप से कानून बन चुका है और आने वाले समय में देशभर के ग्रामीण इलाकों में लागू किया जाएगा।

जी राम जी बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, रोजगार स्कीम में बड़े बदलाव—जानिए क्या बदला !
जी राम जी बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, रोजगार स्कीम में बड़े बदलाव—जानिए क्या बदला !

इससे पहले गुरुवार को यह विधेयक राज्यसभा में विपक्ष के कड़े विरोध के बीच पारित हुआ था। लोकसभा में पहले ही इसे मंजूरी मिल चुकी थी। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया था, जहां से अब इसे हरी झंडी मिल गई है। सरकार का दावा है कि यह नया कानून ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाएगा।

क्या है जी राम जी कानून का उद्देश्य

सरकार के अनुसार VB-G RAM-G कानून का मुख्य उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार को हर साल कम से कम 125 दिनों का गारंटीड रोजगार उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों के रोजगार से 25 दिन अधिक है। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण आय में वृद्धि होगी, पलायन रुकेगा और आत्मनिर्भर गांवों की दिशा में मजबूत कदम बढ़ेगा।

क्या है जी राम जी कानून का उद्देश्य
क्या है जी राम जी कानून का उद्देश्य

इस कानून के तहत रोजगार के साथ-साथ आजीविका के साधनों पर भी विशेष जोर दिया गया है। केवल मजदूरी आधारित कामों के बजाय कौशल विकास, कृषि आधारित गतिविधियां, जल संरक्षण, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर मिलेंगे।

मनरेगा की जगह क्यों लाया गया नया कानून

सरकार का तर्क है कि मनरेगा अपने शुरुआती उद्देश्यों के बावजूद समय के साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहा था। मजदूरी भुगतान में देरी, फर्जी जॉब कार्ड, सीमित काम के प्रकार और उत्पादकता की कमी जैसे मुद्दे सामने आते रहे हैं। VB-G RAM-G कानून के जरिए सरकार इन खामियों को दूर करना चाहती है।

नए कानून में डिजिटल निगरानी, आधार-आधारित सत्यापन और सीधे बैंक खातों में भुगतान को और मजबूत किया गया है। साथ ही काम की गुणवत्ता और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

संसद में हुआ तीखा राजनीतिक टकराव

विधेयक के पारित होने के दौरान संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने मनरेगा की जगह नया कानून लाने और उसमें से महात्मा गांधी का नाम हटाने पर कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर गांधीजी के नाम और उनकी विचारधारा को योजनाओं से हटाने की कोशिश कर रही है।

राज्यसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि कांग्रेस ने वर्षों तक बापू के आदर्शों का केवल राजनीतिक इस्तेमाल किया, जबकि मोदी सरकार उनके विचारों को जमीन पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि रोजगार, स्वावलंबन और ग्रामीण विकास ही गांधीजी की असली सोच थी, और नया कानून उसी भावना को आगे बढ़ाता है।

नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विजन पर आधारित

जी राम जी बिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विजन से जुड़ा है. इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है. इसमें सालाना रोजगार गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया है. स्थानीय नियोजन, श्रमिक सुरक्षा और योजनाओं के एकीकरण पर जोर दिया गया है. इसका मकसद ग्रामीण आय सुरक्षा को मजबूत करना है. अग्रिम पंक्ति की योजनाओं का एकीकरण और कृषि रोजगार संतुलन है. सरकार का कहना है कि यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा. साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर ध्यान केंद्री करेगा. 

आगे क्या होगा

अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार जल्द ही इस कानून के नियम और दिशा-निर्देश जारी करेगी। राज्यों के साथ समन्वय कर इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। सरकार का दावा है कि VB-G RAM-G कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

हालांकि, विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह इस कानून के क्रियान्वयन पर कड़ी नजर रखेगा और यदि ग्रामीणों के हित प्रभावित हुए तो सड़क से संसद तक विरोध करेगा। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि नया कानून जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी साबित होता है।

Also Read :

CM योगी की सुरक्षा में चूक! अखिलेश ने जताई चिंता, अधिकारी पर गिरी गाज !