दिल्ली को प्रदूषण से थोड़ी राहत मिली. एक्यूआई 220 दर्ज हुआ जो ‘खराब’ श्रेणी में है. तेज हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को बृहस्पतिवार सुबह प्रदूषण के अत्यधिक स्तर से थोड़ी राहत मिली, जब शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 220 दर्ज किया गया। हालांकि यह स्तर अब भी ‘खराब’ श्रेणी में आता है, लेकिन बीते कुछ दिनों की तुलना में इसे एक आंशिक सुधार के रूप में देखा जा रहा है। लगातार गंभीर और बेहद खराब स्थिति झेल रही दिल्ली की हवा में यह बदलाव लोगों के लिए कुछ हद तक राहत लेकर आया है।
अधिकांश निगरानी केंद्रों पर ‘खराब’ हवा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ‘समीर’ ऐप के अनुसार, दिल्ली के 29 निगरानी केंद्रों में से अधिकांश पर वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि भले ही औसत एक्यूआई में गिरावट आई हो, लेकिन शहर के बड़े हिस्से में प्रदूषण का स्तर अब भी स्वास्थ्य के लिए अनुकूल नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर पर लंबे समय तक रहने से बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
आनंद विहार की स्थिति सबसे खराब
दिल्ली के आनंद विहार इलाके में स्थिति सबसे चिंताजनक बनी हुई है। यहां AQI 308 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। यह इलाका पहले से ही प्रदूषण के हॉटस्पॉट के रूप में जाना जाता है, जहां भारी ट्रैफिक, औद्योगिक गतिविधियां और पड़ोसी राज्यों से आने वाला प्रदूषण हवा की गुणवत्ता को लगातार प्रभावित करता है। इसके विपरीत, कुछ अन्य निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई, जो राजधानी के लिए अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति मानी जाती है।
AQI की श्रेणियां क्या बताती हैं

सीपीसीबी के वर्गीकरण के अनुसार,
- 0–50 : अच्छा
- 51–100 : संतोषजनक
- 101–200 : मध्यम
- 201–300 : खराब
- 301–400 : बेहद खराब
- 401–500 : गंभीर
इन मानकों के आधार पर देखें तो दिल्ली का औसत एक्यूआई 220 फिलहाल ‘खराब’ श्रेणी में है, यानी हवा अभी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं कही जा सकती।
पिछले दिनों की तुलना में सुधार
सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी में बुधवार को भी 24 घंटे का औसत AQI ‘खराब’ श्रेणी में रहा था। हालांकि, यह स्थिति मंगलवार की तुलना में बेहतर है। मंगलवार को शाम चार बजे दिल्ली का एक्यूआई 412 तक पहुंच गया था, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। उस दिन प्रदूषण का स्तर इतना अधिक था कि दृश्यता कम हो गई थी और लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था।
मौसम बना सुधार की वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया सुधार के पीछे हवा की गति में बढ़ोतरी और मौसम में हल्का बदलाव प्रमुख कारण हैं। ठंडी हवा के साथ प्रदूषक तत्व कुछ हद तक फैल गए, जिससे एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, यह सुधार स्थायी नहीं माना जा रहा है।
आगे फिर बिगड़ सकती है स्थिति
पर्यावरण विशेषज्ञों और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह राहत अस्थायी हो सकती है। आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार कम होने और तापमान में गिरावट के चलते प्रदूषण फिर से बढ़ सकता है। खासकर रात और सुबह के समय स्मॉग की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है।
सतर्क रहने की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे अभी भी सावधानी बरतें। बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें, सुबह की सैर और खुले में व्यायाम से बचें तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।
कुल मिलाकर, दिल्ली को प्रदूषण से मिली यह राहत भले ही थोड़ी हो, लेकिन फिलहाल हवा की गुणवत्ता अब भी चिंता का विषय बनी हुई है और स्थायी सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।