प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत गाजीपुर के 2119 लाभार्थियों के खातों में जब 1 लाख रुपये की राशि पहुंची तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे. योजना की राशि मिलने पर लाभार्थियों ने खुशी जाहिर की.
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत गाजीपुर सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रविवार की शाम बड़ी राहत की खबर सामने आई। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में एक लाख रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई, जिससे हजारों परिवारों के चेहरे खुशी से खिल उठे। गाजीपुर जिले में कुल 2119 लाभार्थियों के खातों में जब एक-एक लाख रुपये पहुंचे, तो यह राशि उनके लिए सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद बनकर आई।

ये वे परिवार हैं जिनके पास अपनी जमीन तो थी, लेकिन सिर पर पक्की छत नहीं थी। मजबूरी में कई लोग टूटे-फूटे कच्चे मकानों, झोपड़ियों या फिर टीन शेड में रहने को विवश थे। बरसात, सर्दी और गर्मी—हर मौसम उनके लिए चुनौती बन जाता था। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत मिली यह पहली किस्त अब उनके सपनों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रही है।
रविवार की शाम जैसे ही लाभार्थियों के मोबाइल पर बैंक से पैसे ट्रांसफर होने का मैसेज आया, गांव और शहर दोनों जगह खुशी का माहौल बन गया। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने बार-बार मोबाइल चेक किया ताकि यह यकीन हो सके कि राशि सच में उनके खाते में आ गई है। एक लाभार्थी ने भावुक होते हुए कहा कि “एक लाख रुपये का यह मैसेज हमारे लिए किसी त्योहार से कम नहीं है। अब हमें भी भरोसा हो गया है कि हमारा खुद का पक्का घर बनेगा।”
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभार्थियों का कहना है कि घर सिर्फ ईंट और सीमेंट से नहीं बनता, बल्कि यह आत्मसम्मान और सामाजिक पहचान भी देता है। खासतौर पर उन परिवारों के लिए यह योजना बेहद अहम साबित हो रही है, जिनके बच्चों की शादी या भविष्य सिर्फ घर न होने की वजह से अटका हुआ था।
एक लाभार्थी ने बताया कि अब उनके घर भी रिश्ते आने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा, “पहले लड़की वाले आते तो थे, लेकिन हमारा कच्चा घर देखकर बिना कुछ कहे वापस चले जाते थे। इस बात का हमें बहुत दुख होता था। अब जब मकान बनेगा, तो हमें भी समाज में बराबरी का दर्जा मिलेगा।” यह सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जिनके लिए पक्का घर सामाजिक स्वीकृति का रास्ता खोलता है।

लाभार्थियों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना से मिली राशि उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। कई लोगों ने कहा कि मकान बनने के बाद उनके बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिलेगा, महिलाएं खुद को ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगी और बुजुर्गों को भी सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
गाजीपुर के लाभार्थियों में इस बात को लेकर भी खासा उत्साह है कि यह सहायता सीधे उनके खाते में पहुंची है, जिससे किसी बिचौलिए या भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं रही। लोगों ने इसे सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का उदाहरण बताया। उनका कहना है कि पहले योजनाओं का लाभ पाने में सालों लग जाते थे, लेकिन अब पैसा सीधे खाते में आ रहा है।
कई लाभार्थियों ने यह भी कहा कि जैसे ही उनका मकान बनकर तैयार होगा, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने के लिए पत्र लिखेंगे। उनका मानना है कि यह योजना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए एक बड़ा सहारा बनी है, जिसने उनके सपनों को नया जीवन दिया है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत गाजीपुर में ट्रांसफर की गई एक लाख रुपये की राशि ने हजारों परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नींव है, जो सालों से अपने पक्के घर का सपना देख रहे थे।
Also Read :
योगी सरकार के मंत्री की मुश्किलें बढ़ीं, अवैध हथियार मामले ने पकड़ा तूल !