सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने शंकराचार्य विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और अधर्म करने का आरोप लगाया.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने योगी आदित्यनाथ सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे धर्म और आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए बीजेपी पर “अधर्म कराने” का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं उनके चाचा और पार्टी महासचिव शिवपाल यादव ने भी अखिलेश की बातों का समर्थन करते हुए शंकराचार्य के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।

गुरुवार (22 जनवरी) को अखिलेश यादव लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क पहुंचे, जहां उनके साथ शिवपाल यादव भी मौजूद थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद को लेकर योगी सरकार पर सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि पूज्यनीय शंकराचार्य के समर्थन में आज तमाम सनातनी खड़े हैं, लेकिन इसके बावजूद बीजेपी सरकार ऐसे फैसले कर रही है, जो अधर्म की श्रेणी में आते हैं।

अखिलेश यादव ने कहा, “बीजेपी अधर्म करा रही है। यह सिर्फ राजनीति का मुद्दा नहीं है, बल्कि सनातन परंपरा और संतों के सम्मान से जुड़ा विषय है। शंकराचार्य जैसे महान संत का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।” उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में सरकार के अधिकारी भी असहज हैं और भारी मन से आदेशों का पालन कर रहे हैं।
सपा अध्यक्ष ने अधिकारियों की स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो अधिकारी नोटिस भेज रहे हैं, वे भी पाप के भागी नहीं बनना चाहते। “अधिकारी भी दुखी हैं और महसूस कर रहे हैं कि दबाव में उनसे यह काम करवाया जा रहा है। कोई भी अधिकारी यह नहीं चाहता कि उसके कारण किसी पूज्य संत का अपमान हो,” अखिलेश यादव ने कहा।
उन्होंने गंगा स्नान से शंकराचार्य को रोके जाने के कथित मामले को भी बड़ा अधर्म बताया। अखिलेश यादव के मुताबिक, “शंकराचार्य जी का सम्मान होना चाहिए। उन्हें गंगा स्नान से रोकना बहुत बड़ा अधर्म है और इस अधर्म की पूरी जिम्मेदारी बीजेपी सरकार की है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि अब तो बीजेपी के अंदर से भी कुछ नेता इस मुद्दे पर सवाल उठाने लगे हैं।

अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए कहा, “रास्ते में जितनी गोमती नदी गंदी दिखी है, उससे ज्यादा गंदी बीजेपी हो गई है।” उनके इस बयान को सत्ता पक्ष पर सीधा और आक्रामक हमला माना जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी भी साधु-संत का अपमान होगा और इसके पीछे कोई भी सरकार होगी, तो समाजवादी पार्टी उसके खिलाफ खड़ी होगी।
इस दौरान अखिलेश यादव के चाचा और सपा महासचिव शिवपाल यादव ने भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में आवाज उठाई। शिवपाल यादव ने कहा कि शंकराचार्य जैसे सम्मानित संत के साथ जो व्यवहार किया गया, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म का अपमान है। शिवपाल ने सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग भी की।
सपा नेताओं के इन बयानों के बाद यह साफ हो गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद अब केवल धार्मिक या प्रशासनिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और योगी सरकार पर लगातार हमलावर है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
फिलहाल बीजेपी की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं, लेकिन इतना तय है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया उबाल पैदा कर दिया है।
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