‘राम मंदिर का प्रबंधन संतों के हाथ में होना चाहिए’, अयोध्या मुद्दे पर बोले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद|

‘राम मंदिर का प्रबंधन संतों के हाथ में होना चाहिए’, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान|

अयोध्या। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर के प्रबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का प्रबंधन संतों के हाथ में होना चाहिए।

शंकराचार्य ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी धार्मिक परंपराओं, मर्यादा तथा पूजा-पद्धति का संरक्षण संत समाज ही बेहतर ढंग से कर सकता है। उनके अनुसार मंदिर के संचालन से जुड़े निर्णय भी धार्मिक परंपराओं और संतों की भावनाओं के अनुरूप होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर केवल एक भव्य निर्माण नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और भारतीय आस्था का प्रतीक है। इसलिए इसके प्रबंधन में संत समाज की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित की जानी चाहिए।

शंकराचार्य का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। ऐसे में उनके इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब शंकराचार्य के इस बयान पर धार्मिक संगठनों, संत समाज और अन्य संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।