जंतर-मंतर के आसपास फूड डिलीवरी पर रोक, अखिलेश यादव बोले- पहले नोटबंदी, अब ‘फूडबंदी’…

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच आसपास के इलाके में फूड डिलीवरी सेवाओं पर रोक लगाए जाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधते हुए इसे “पहले नोटबंदी, फिर फूडबंदी” करार दिया।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे प्रदर्शनकारियों तक भोजन पहुंचने से रोकना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध की आवाज को दबाने के लिए अब खाने-पीने जैसी बुनियादी सुविधाओं पर भी रोक लगाई जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर और उसके आसपास चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी, बैरिकेडिंग, वीआईपी मूवमेंट और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही सीमित की गई है। इसी वजह से फूड डिलीवरी एजेंटों की एंट्री पर अस्थायी रोक लगाई गई है, ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक या अव्यवस्था न हो।

पुलिस के अनुसार यह कदम केवल सुरक्षा कारणों से उठाया गया है और इसका उद्देश्य किसी विशेष समूह को निशाना बनाना नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में प्रदर्शन के दौरान तनाव और झड़पों की घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

प्रदर्शन के चलते बढ़ाई गई सुरक्षा

जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है। कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है, कुछ इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शन के मद्देनजर कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट और अन्य प्रतिबंधात्मक कदम भी उठाए गए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

वहीं विपक्ष इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताते हुए सरकार को घेर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।