नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच को लेकर अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) को अपनी जांच शुरू करने का आदेश दिया है। कमेटी प्रदर्शन के दौरान लगाए गए कई गंभीर आरोपों की पड़ताल करेगी। इनमें पेलेट गन के कथित इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसा या बदसलूकी, पुलिसकर्मियों को लगी चोट और संपत्ति को हुए नुकसान जैसे मुद्दे शामिल हैं।
पेलेट गन के इस्तेमाल की भी होगी जांच
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोप लगाया गया था कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पेलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के बारे में भी जानकारी मांगी थी।
अब HPEC इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने समिति को सिर्फ एक पहलू तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और सुरक्षा बलों की कार्रवाई से जुड़े अलग-अलग आरोपों की जांच का जिम्मा दिया है।
महिला प्रदर्शनकारियों से कथित हिंसा पर भी फोकस
जांच के प्रमुख बिंदुओं में महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित हिंसा और बदसलूकी भी शामिल है। अदालत के निर्देश के मुताबिक इन शिकायतों की जांच भी समिति करेगी। इससे पहले अदालत के समक्ष महिला प्रदर्शनकारियों की ओर से कथित उत्पीड़न और दुर्व्यवहार से जुड़ी शिकायतें सामने आई थीं।
इसके अलावा प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों को लगी चोटों तथा सार्वजनिक या निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भी पड़ताल की जाएगी। यानी जांच में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों—दोनों पक्षों से जुड़े घटनाक्रम को देखा जाएगा।
14 साल की प्रदर्शनकारी को सुरक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में एक 14 वर्षीय प्रदर्शनकारी लड़की और उसके परिवार को सुरक्षा देने का भी निर्देश दिया है। अदालत के सामने सुरक्षा को लेकर शिकायतें रखी गई थीं, जिसके बाद यह निर्देश सामने आया।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में ही इस मामले की स्वतंत्र जांच के लिए पांच सदस्यीय HPEC गठित की थी। समिति को प्रदर्शन के दौरान कथित अत्यधिक बल प्रयोग और उससे जुड़े विभिन्न आरोपों की जांच करनी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले को आगे देखा जाएगा।
अब HPEC की रिपोर्ट पर नजर
जंतर-मंतर मामले में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही जांच के बीच अब HPEC की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। जांच में पेलेट गन के इस्तेमाल से लेकर महिला प्रदर्शनकारियों से कथित बदसलूकी, पुलिसकर्मियों की चोट और संपत्ति के नुकसान तक सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। HPEC की जांच से यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि प्रदर्शन के दौरान क्या-क्या घटनाएं हुईं और सुरक्षा बलों की कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई थी।