दिल्ली में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 37 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी, मचा हड़कंप !

सूत्रों ने बताया कि ईडी के अधिकारी ठेकेदारों और निजी संस्थाओं के कम से कम 37 परिसरों की तलाशी ले रहे हैं।

राजधानी दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए 37 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराधों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े नेटवर्क की जांच के तहत की गई है। ईडी की इस रेड से दिल्ली-NCR के राजनीतिक, कारोबारी और नौकरशाही गलियारों में हड़कंप मच गया है।

ईडी अधिकारियों के मुताबिक, यह छापेमारी फर्जी कंपनियों के जरिए काले धन को सफेद करने, हवाला ट्रांजैक्शन और अवैध संपत्ति के निवेश से संबंधित मामलों में की जा रही है। जांच एजेंसी को कुछ ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले थे, जिनके आधार पर यह समन्वित कार्रवाई की गई। सुबह से ही टीमों ने अलग-अलग इलाकों में एक साथ दबिश देना शुरू किया, जिससे किसी को भनक तक नहीं लगी।

दिल्ली में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 37 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी, मचा हड़कंप !
दिल्ली में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 37 ठिकानों पर एकसाथ छापेमारी, मचा हड़कंप !

सूत्रों के अनुसार, यह छापे कुछ नामी कारोबारियों, रियल एस्टेट डेवलपर्स और उनसे जुड़े बिचौलियों के परिसरों में मारे गए हैं। कई जगहों पर संदिग्ध लेन-देन के दस्तावेज, भारी नकदी, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है।

ईडी ने अभी तक आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया है कि यह कार्रवाई किस केस से जुड़ी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह छापेमारी कई पुराने और चल रहे मामलों से संबंधित कड़ियों को जोड़ने के लिए की जा रही है।

राजनीतिक हलचल भी तेज


ईडी की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी भी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि यह कदम भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का हिस्सा है।

फिलहाल छापेमारी जारी है और ईडी की टीमें जब्त दस्तावेजों की स्क्रूटनी कर रही हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद एजेंसी कुछ नामों को सार्वजनिक कर सकती है। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला जैसे गंभीर मामलों में जांच एजेंसियां अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्क और आक्रामक रुख अपना रही हैं।

पीएमएलए के तहत दर्ज हुआ था केस

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के बाद छापेमारी की। सूत्रों ने बताया कि ईडी के अधिकारी ठेकेदारों और निजी संस्थाओं के कम से कम 37 परिसरों की तलाशी ले रहे हैं। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कुछ नेताओं के परिसरों में भी तलाशी ली जा रही है या नहीं। 

FIR में AAP के इन नेताओं के नाम

ईडी ने 30 अप्रैल को दर्ज अपनी प्राथमिकी (FIR) में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार में मंत्री रहे मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में 12,000 से अधिक कक्षाओं या अर्ध-स्थायी संरचनाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं की गईं।

क्या है क्लास रूम घोटाला

दिल्ली का क्लासरूम घोटाला दिल्ली सरकार के सरकारी स्कूलों में क्लासरूम के निर्माण में हुए कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा है। यह घोटाला आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान हुआ बताया जा रहा है। 

आरोप

  1. आरोपों के मुताबिक 12,748 क्लासरूम के निर्माण में करीब 2000 करोड़ की वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं।
  2. हर क्लास के निर्माण की लागत 24.86 लाख रु. बताई गई जबकि आरोप है कि आम तौर पर ऐसे निर्माण की लागत 5 लाख रुपये के आसपास होती है
  3. सरकारी नियमों के उल्लंघन का आरोप, उचित टेंडर प्रक्रिया का पालन किए बिना ही ठेके AAP से जुड़े ठेकेदारों को दिए गए। 
  4. कई क्लास रूम का निर्माण निर्धारित समय सीमा में नहीं हुआ और  निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए।
  5.  सीमेंट (RCC) से बनने वाले क्लासरूम की लागत पर सेमी-पक्के स्ट्रक्चर बनाए गए, जिनकी उम्र बहुत कम होती है।
  6. तत्कालीन मंत्री मनीष सिसोदिया (शिक्षा मंत्री) और सत्येंद्र जैन (लोक निर्माण विभाग मंत्री) ने अपने पद का दुरुपयोग किया
  7. मनमाने तरीके से क्लासरूम की लागत और आकार बढ़ाकर इसका फायदा उठाया, सरकारी नियमों का पालन नहीं किया
  8. जांच एजेंसियां इस मामले में ठेकेदारों, निजी फर्मों, इंजीनियरों और अधिकारियों से पूछताछ कर रही हैं।

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