चिराग पासवान को बम से उड़ाने की धमकी, पटना साइबर थाना में दर्ज हुई FIR !

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को सोशल मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिली है। साइबर क्राइम थाना में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेश भट्ट ने प्राथमिकी दर्ज कराई है।

पटना, 12 जुलाई 2025: केंद्र सरकार में मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिराग पासवान को ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से धमकी दी गई है, जिसमें उन्हें बम से उड़ाने की बात कही गई है। इस गंभीर मामले में पटना के साइबर क्राइम थाना में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।

चिराग पासवान को बम से उड़ाने की धमकी, पटना साइबर थाना में दर्ज हुई FIR !
चिराग पासवान को बम से उड़ाने की धमकी, पटना साइबर थाना में दर्ज हुई FIR !

धमकी का स्वरूप

मंत्री चिराग पासवान को यह धमकी एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजी गई है। बताया जा रहा है कि धमकी ई-मेल और एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए दी गई, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि “जल्द ही बम से उड़ाया जाएगा, संभल जाओ”। इस धमकी में चिराग के राजनीतिक गतिविधियों को निशाना बनाने की बात भी कही गई है। ई-मेल में भेजने वाले ने अपना नाम छिपाते हुए, कुछ विदेशी आईपी पते का इस्तेमाल किया है, जिससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि इसमें किसी अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का हाथ हो सकता है।

FIR और जांच

चिराग पासवान की सुरक्षा टीम ने इस धमकी को गंभीरता से लिया और तुरंत इसकी सूचना पुलिस और साइबर क्राइम विभाग को दी। इसके बाद पटना के साइबर क्राइम थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में देश की सुरक्षा, केंद्रीय मंत्री की जान को खतरा, और साइबर आतंकवाद जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं।

पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उस ई-मेल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही हैं, जिससे धमकी दी गई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि ई-मेल भेजने के लिए वीपीएन और प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल किया गया था, जिससे आरोपी की पहचान छिपी रह सके। इसके बावजूद साइबर विशेषज्ञों की टीम आरोपी की लोकेशन और पहचान का पता लगाने में जुटी हुई है।

सुरक्षा बढ़ाई गई

इस घटना के बाद चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर उन्हें पहले से ही Z-कैटेगरी की सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन अब उनके आवास, कार्यालय और यात्राओं के दौरान विशेष निगरानी रखी जा रही है। बिहार पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियां भी उनके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस धमकी के बाद बिहार और दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई है। कई नेताओं ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बिहार के मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को इस तरह धमकाना निंदनीय और अस्वीकार्य है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मामले की तत्काल जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

चिराग पासवान ने भी एक प्रेस बयान में कहा, “मैं देश के लोकतांत्रिक ढांचे और कानून में विश्वास रखता हूं। इस तरह की धमकियां मुझे मेरे कर्तव्य से नहीं डिगा सकतीं। मैं और मजबूती से जनता की सेवा करता रहूंगा।”

निष्कर्ष

चिराग पासवान को मिली धमकी न सिर्फ एक व्यक्ति की जान को खतरा है, बल्कि यह लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला भी है। ऐसे मामलों में तत्काल और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों को सख्त सजा देना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी जनप्रतिनिधि या नागरिक को इस प्रकार के खतरों का सामना न करना पड़े। अब देखना यह होगा कि साइबर क्राइम टीम और खुफिया एजेंसियां इस मामले में कितनी जल्दी और सटीक कार्रवाई कर पाती हैं।

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