उपराष्ट्रपति के नाम का ऐलान NDA की ओर से कर दिया गया है। सीपी राधाकृष्णन का नाम सामने आने के बाद विपक्ष के नेता भी अब दुविधा में आ गए हैं। जानिए उपराष्ट्रपति के चुनाव के वोटों का पूरा गणित क्या है?
कौन बनेगा देश का अगला उपराष्ट्रपति? एनडीए कैंडिडेट के ऐलान के बाद उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर गहमागहमी तेज हो गई है। NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के ऐलान के बाद आज INDIA ब्लॉक की बैठक होने जा रही है। इसमें उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर चर्चा होगी।

NDA का दांव: सी. पी. राधाकृष्णन
17 अगस्त 2025 को बीजेपी की ओर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पॉन्नुसामी (सी. पी.) राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया । वह तमिलनाडु के कोयंबटूर से बीजेपी के अनुभवी नेता हैं, जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत है और वे लंबे समय से RSS से जुड़े रहे हैं।

बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि वे विपक्ष से समर्थन की कोशिश करेंगे ताकि चुनाव निर्विरोध हो जाए । प्रधानमंत्री मोदी ने राधाकृष्णन को “प्रेरणादायक उपराष्ट्रपति” मानते हुए उनकी सरल जीवनशैली और संवेदनशील नेतृत्व की सराहना की ..
उनकी OBC पृष्ठभूमि और Gounder समुदाय से संबंध NDA की रणनीति को और भी बेहतरीन बनाता है ।
विपक्ष का चेहरा अभी अस्पष्ट
वहीं, विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने अब तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। उनकी बैठक 18 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यालय में आयोजित की गई थी, जिसमें संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की गई । INDIA ब्लॉक “आदर्शवादी” उम्मीदवार पेश करना चाहता है, ताकि सत्ता पक्ष से विचारधारात्मक अंतर स्पष्ट हो सके । इनमें तमिलनाडु की DMK और YSRCP जैसे क्षेत्रीय घटक निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं ।
राजनीतिक समर्थन और रणनीतिक गठबंधन
शिवसेना ने NDA को “अनिर्वाचित समर्थन” देने की घोषणा की है, जिससे NDA की स्थिति और मजबूत हुई है ।
वहीं, कांग्रेस नेतागण जैसे मनिक्कम टैगोर ने राधाकृष्णन को “एक और RSS-वाले” बताकर INDIA से निर्णायक प्रतिक्रिया की मांग की है ।
निष्कर्ष
- NDA का उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन मजबूत दावेदार हैं — उन्हें OBC पृष्ठभूमि, दक्षिण क्षेत्रीय पहचान और RSS से जुड़ाव का लाभ है।
- वोटों की गणित में NDA की स्थिति स्पष्ट रूप से मजबूत है — लगभग 422 वोट संभावित समर्थन के साथ, जो जीत के लिए आवश्यक 392–394 से ऊपर हैं।
- INDIA ब्लॉक का उम्मीदवार अभी तक अस्पष्ट है, उनकी चुनौती मुख्यतः अनिर्वाचित उम्मीदवार उतारने या सीट पर मुकाबला सुनिश्चित करने की रणनीति पर टिकी है।
- यदि विपक्ष मैदान में नहीं उतरा, तो राधाकृष्णन निर्विरोध चुन लिए जाएंगे; लेकिन यदि हुआ मुकाबला, तब भी NDA की हिस्सेदारी उन्हें विजयी बन सकती है।
इस चुनाव में NDA का पकड़ मजबूत दिखता है, लेकिन राजनीति में अनिश्चितता कभी खत्म नहीं होती — इंडिया ब्लॉक की एकता और रणनीति निर्णायक हो सकती है।
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