पटना में रोड एक्सीडेंट में आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी है जबकि चार गंभीर रूप से घायल हैं। पटना के ग्रामीण एसपी ने घटना की पुष्टि की है।
बिहार की राजधानी पटना में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे राज्य को दहला दिया। हादसे में गंगा स्नान के लिए जा रहे 8 श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और मातम दोनों का माहौल है।

हादसा कैसे हुआ?
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक श्रद्धालु एक वाहन में सवार होकर गंगा स्नान के लिए पटना से गुजर रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रक ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर ही कई लोगों ने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से गाड़ी में फंसे यात्रियों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया।

मरने वालों की पहचान
पुलिस ने बताया कि मृतकों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। सभी एक ही गांव से गंगा स्नान के लिए निकले थे। मरने वालों की पहचान की जा रही है और उनके परिवारों को सूचना भेजी गई है। हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घायलों का इलाज जारी
घायल श्रद्धालुओं को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रही है। चारों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों को सिर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, ट्रक चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। जिला प्रशासन ने कहा है कि दोषी चालक और मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
बिहार के मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
स्थानीय लोगों का गुस्सा
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि सड़क पर अक्सर तेज रफ्तार ट्रक और बसें बेलगाम चलती हैं, लेकिन पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती। ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की।
बिहार में सड़क हादसों की स्थिति
बिहार में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन और सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत किए बिना हादसों पर लगाम लगाना मुश्किल है।
निष्कर्ष
पटना का यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की खामियों को उजागर करता है। गंगा स्नान के पवित्र अवसर पर निकले श्रद्धालुओं को जिस तरह से अपनी जान गंवानी पड़ी, उसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। प्रशासन और सरकार ने भले ही मुआवजे की घोषणा कर दी हो, लेकिन असली चुनौती ऐसी घटनाओं को रोकने की है। जब तक सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही पर सख्ती से अंकुश नहीं लगाया जाएगा, तब तक ऐसी त्रासदियां बार-बार लोगों की जिंदगी लीलती रहेंगी।
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