लगातार बारिश के चलते दिल्ली और गुरुग्राम की सड़कों पर पानी भर गया है। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी हुई है।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में सोमवार की सुबह से जारी झमाझम बारिश ने लोगों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। जहां एक ओर लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर जलभराव और ट्रैफिक जाम ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दीं। सबसे खराब हालात गुरुग्राम और दिल्ली के द्वारका इलाके में देखने को मिले। गुरुग्राम में जगह-जगह जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं तो द्वारका में तेज बारिश से एक सड़क धंस गई, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई।

गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम से लोग हलकान
गुरुग्राम के कई प्रमुख इलाकों में सुबह से ही सड़कों पर पानी भर गया। आईएफएफसीओ चौक, शंकर चौक, हीरो होंडा चौक और गोल्फ कोर्स रोड जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों की लंबी लाइनें लगी रहीं। ऑफिस जाने वाले लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए लिखा कि गुरुग्राम का हाल बारिश के बाद ‘तालाब’ जैसा हो गया है।

ट्रैफिक पुलिस की ओर से लगातार अलर्ट जारी किया गया, लेकिन भारी वाहन और दफ्तरों के समय का दबाव होने की वजह से जाम खुलने में देर लगी। कई यात्रियों को मेट्रो का सहारा लेना पड़ा, जबकि कुछ को ऑफिस देर से पहुंचना पड़ा।
द्वारका में सड़क धंसने से बिगड़े हालात
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-21 इलाके में तेज बारिश के चलते एक मुख्य सड़क अचानक धंस गई। इस हादसे के बाद सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन ने तुरंत प्रभावित हिस्से को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया और मरम्मत कार्य शुरू कराया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क हाल ही में बनी थी, लेकिन बरसात की पहली ही तेज बौछार में धंस गई। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग नाराजगी जताते हुए कह रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद बुनियादी ढांचा इतना कमजोर क्यों है।
जलभराव ने किया बेहाल

दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी जलभराव की स्थिति देखने को मिली। मिंटो रोड, आईटीओ, नरीला, मयूर विहार और लक्ष्मी नगर जैसे इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई जगहों पर दोपहिया वाहन बंद हो गए और पैदल यात्रियों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
नगर निगम की ओर से पंपिंग मशीनें लगाई गईं और नालों की सफाई तेज की गई, लेकिन लगातार बारिश के चलते हालात नियंत्रित करना मुश्किल रहा।
लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित
बरसात की वजह से ऑफिस जाने वालों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और दिहाड़ी मजदूरों को भारी दिक्कत हुई। कई बसें और कैब्स रास्ते में फंस गईं। कुछ जगहों पर स्कूल बसें भी देर से पहुंचीं, जिससे अभिभावकों को चिंता का सामना करना पड़ा।
व्यापारिक क्षेत्रों में भी असर देखने को मिला। दुकानों और बाजारों में ग्राहकों की भीड़ कम रही। कई छोटे व्यापारी और ठेलेवाले बारिश की वजह से कारोबार नहीं कर पाए।
प्रशासन और मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलभराव वाले इलाकों से बचकर निकलें और अनावश्यक यात्रा से परहेज करें।
गुरुग्राम प्रशासन ने ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए हैं और पानी निकासी की गति तेज करने के आदेश दिए हैं। वहीं दिल्ली नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में इंजीनियरों की टीम भेजकर हालात की समीक्षा शुरू की है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
बारिश के बाद की स्थिति ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। लोग तस्वीरें और वीडियो साझा कर नगर निगम और प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ट्विटर (X) पर #DelhiRains और #GurugramJam ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा कि दिल्ली-एनसीआर अब ‘स्मार्ट सिटी’ नहीं बल्कि ‘वॉटर सिटी’ बन गया है।
निष्कर्ष
दिल्ली-एनसीआर में बारिश ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि बुनियादी ढांचे की चुनौतियां अब भी बरकरार हैं। गुरुग्राम का ट्रैफिक जाम और द्वारका की धंसी सड़क इस बात का सबूत है कि बारिश होते ही शहर की व्यवस्था चरमराने लगती है। आने वाले दिनों में अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं। ऐसे में प्रशासन और नगर निकायों के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी—जलभराव से निजात दिलाना और लोगों की जिंदगी को सामान्य करना।
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