प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश और पंजाब का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की और राहत कार्यों की समीक्षा की। भारत सरकार प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश और पंजाब का दौरा शुरू किया, जहां हाल ही में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बाढ़ जैसी आपदा ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से देश को संबोधित करते हुए कहा, “भारत सरकार इस दुखद घड़ी में प्रभावित लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।” उनके इस बयान ने राहत और पुनर्वास कार्यों को लेकर केंद्र सरकार की गंभीरता को और स्पष्ट किया।

बाढ़ और भूस्खलन से हाहाकार

पिछले कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कई जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है। नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है और कई जगहों पर भूस्खलन ने तबाही मचाई है। सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है, कई गांवों का संपर्क कट चुका है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, अब तक दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं। राहत शिविरों में लोगों को अस्थायी रूप से ठहराया गया है, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य होने से दूर है।
पीएम मोदी का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह दिल्ली से रवाना होते समय साफ किया कि उनका यह दौरा केवल हालात का जायजा लेने के लिए नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को यह भरोसा दिलाने के लिए भी है कि केंद्र सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी पहले हिमाचल प्रदेश के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और फिर पंजाब जाएंगे। वहां वे राज्य सरकारों के अधिकारियों और प्रशासन से स्थिति की समीक्षा करेंगे।
‘एक्स’ पर पीएम का संदेश
अपने संदेश में पीएम मोदी ने लिखा:
“हिमाचल प्रदेश और पंजाब के लिए रवाना हो रहा हूं, जहां बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। इस दुखद घड़ी में भारत सरकार प्रभावित लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। राहत और पुनर्वास कार्यों को और तेज किया जाएगा।”
केंद्र और राज्य में समन्वय
केंद्रीय गृह मंत्रालय और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पहले ही प्रभावित राज्यों को राहत और बचाव कार्यों के लिए अतिरिक्त बल, एनडीआरएफ की टीमें और हेलीकॉप्टर मुहैया करा रहे हैं। राहत सामग्री, दवाइयाँ और भोजन लगातार भेजा जा रहा है। राज्य सरकारों ने केंद्र की मदद की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री के दौरे से पुनर्वास योजनाओं में तेजी आएगी।
राजनीतिक संदेश भी
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष ने जहां सरकार से राहत कार्यों में तेजी लाने की मांग की है, वहीं पीएम मोदी ने व्यक्तिगत रूप से प्रभावित इलाकों का दौरा कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार जमीनी स्तर पर लोगों के साथ है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दौरा प्रभावित राज्यों में भरोसे और संवेदनशीलता का माहौल बनाने में मदद करेगा।
स्थानीय लोगों की उम्मीदें
हिमाचल और पंजाब में बाढ़ प्रभावित लोग उम्मीद जता रहे हैं कि प्रधानमंत्री की यात्रा के बाद उनके पुनर्वास की प्रक्रिया और तेज होगी। खासतौर पर सड़क और पुल टूटने से जो कनेक्टिविटी खत्म हुई है, उसकी मरम्मत के लिए केंद्र से विशेष पैकेज मिलने की संभावना जताई जा रही है। किसानों को भी बड़ी राहत की उम्मीद है, क्योंकि बाढ़ से हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी का हिमाचल और पंजाब दौरा इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार बाढ़ प्रभावितों की मदद को लेकर गंभीर और तत्पर है। उनका यह संदेश—“कंधे से कंधा मिलाकर”—न केवल प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है, बल्कि प्रभावित लोगों के लिए संवेदनशीलता और सहानुभूति का भी प्रमाण है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उनके दौरे के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों को किस तरह से गति दी जाती है और प्रभावित लोगों को कितनी जल्दी राहत मिलती है।
Also Read :
दिल्ली CM के पति की बैठक में मौजूदगी पर AAP का सवाल, BJP का पलटवार !