निवेशक एक सुरक्षित ठिकाने (सेफ हेवन) के रूप में सोने की ओर जा रहे हैं। सोने और चांदी की कीमत इस साल लगातार अपने ही नए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। माना जा रहा है कि बढ़ोतरी का रुझान अभी जारी रहेगा।
सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला फिलहाल जारी है और निवेशकों की नजरें लगातार एमसीएक्स (Multi Commodity Exchange) पर टिकी हैं। मंगलवार को सुबह 10:21 बजे एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी के लिए सोने की कीमत बीते सत्र की तुलना में 0.40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹1,26,765 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, चांदी की कीमत में भी तेजी देखी गई और दिसंबर डिलीवरी के लिए यह ₹1,60,350 प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई, जो 0.53 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है।

सोने की कीमतों में वैश्विक रुझान
ग्लोबल मार्केट में भी सोने की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है। अमेरिका और यूरोप में बढ़ते मुद्रास्फीति के दबाव, डॉलर की कमजोरी और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में बढ़ोतरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों के कारण कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
सोने की कीमतों पर वैश्विक बाजार का प्रभाव बड़ा होता है। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के चलते सोना सस्ता नहीं रह पाता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका भाव बढ़ता है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों की ओर से सुरक्षित निवेश की मांग भी सोने के दाम बढ़ाने का प्रमुख कारण बनती है।
एमसीएक्स पर सोना और चांदी की स्थिति
एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी के लिए सोने की कीमत ₹1,26,765 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई, जो पिछले सत्र की तुलना में 0.40 प्रतिशत अधिक है। निवेशकों के अनुसार, यह तेजी फिलहाल जारी रहने की संभावना है क्योंकि बाजार में खरीदारी का रुझान मजबूत बना हुआ है।
चांदी की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई। दिसंबर डिलीवरी के लिए चांदी का भाव ₹1,60,350 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले भाव से 0.53 प्रतिशत अधिक है। चांदी की कीमत पर वैश्विक औद्योगिक मांग और निवेश धारणा का असर देखा जाता है। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, ज्वैलरी और निवेश के लिए किया जाता है, जिससे इसकी मांग स्थिर रहती है।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने और चांदी में फिलहाल तेजी का रुझान निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देता है। यदि आप शॉर्ट-टर्म निवेश करना चाहते हैं तो मौजूदा समय में खरीदारी पर विचार किया जा सकता है। वहीं, लॉन्ग-टर्म निवेशक सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश के रूप में देख सकते हैं क्योंकि यह मुद्रास्फीति और आर्थिक अनिश्चितताओं में सुरक्षा प्रदान करता है।
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि सोने और चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव आम है और बाजार में तेजी या गिरावट का असर वैश्विक आर्थिक स्थितियों और मुद्रा की स्थिरता पर निर्भर करता है।
सोने-चांदी के दामों का ऐतिहासिक रुझान
पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतों में लगातार बदलाव देखा गया है। जनवरी में सोना ₹1,20,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास था, जबकि अब यह ₹1,26,765 तक पहुंच गया है। इसी तरह चांदी भी जनवरी में ₹1,50,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, जो अब ₹1,60,350 तक बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह उछाल मुद्रास्फीति, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर की स्थिति के कारण आया है। आने वाले महीनों में यदि वैश्विक आर्थिक स्थितियों में सुधार नहीं होता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी संभव है।
निष्कर्ष
सोने और चांदी की कीमतों में यह बढ़ोतरी निवेशकों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, लेकिन बाजार की अनिश्चितता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना महत्वपूर्ण है। एमसीएक्स पर सोना ₹1,26,765 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,60,350 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है, जो यह दर्शाता है कि दोनों की कीमतों में स्थिरता के साथ-साथ तेजी का रुझान भी बना हुआ है।
वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थितियों के आधार पर यह देखा जाएगा कि सोने और चांदी की कीमतें कितने समय तक इस स्तर पर बनी रहती हैं और निवेशकों को किस तरह के अवसर और जोखिम सामने आते हैं। फिलहाल, यह समय सोना और चांदी में निवेश के लिए सतर्कता और योजना का है।