मोदी सरकार के बजट से बुजुर्गों के चेहरे खिले

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मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल का बजट शनिवार को पेश किया। बजट में स्रोत पर कर कटौती टीडीएस और स्रोत पर कर संग्रह टीसीएस के मोर्चे पर राहत देने की घोषणा की है सरकार के इस कदम से वरिष्ठ नागरिकों को फायदा होगा साथ ही कर्ज लेकर विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों को भी राहत मिलेगी। इससे छोटे करदाताओं को बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। दरअसल इस बजट में वरिष्ठ नागरिकों यानी 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों का मोदी सरकार ने ख्याल रखते हुए ब्याज आय पर कर कटौती को दोगुना कर एक लाख रुपये किया है अभी मौजूदा समय में यह सीमा ₹50000 है इसका मतलब यह है कि ब्याज से अगर ₹100000 तक की कमाई होती है तो 2025 – 26 से उस पर टीडीएस नहीं कटेगा । अभी ब्याज से कमाई ₹50000 से ज्यादा होने पर टीडीएस कटता है लेकिन अब इस कदम से बुजुर्गों को खासकर पेंशन भोगियों को राहत मिलेगी जो ज्यादातर फिक्स्ड डिपॉजिट व छोटी बचत योजनाओं से मिलने वाले ब्याज पर निर्भर रहते हैं आरबीआई की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत विदेश भेजी जाने वाली रकम पर टीसीएस की सीमा को 7 लाख से बढ़कर 10 लख रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है यानी अगले वित्त वर्ष 2025 – 26 से अगर कोई व्यक्ति बच्चों को विदेश में पढ़ने के लिए एक वित्त वर्ष में 10 लख रुपए तक की रकम बाहर भेजता है तो उस पर उसे टीसीएस नहीं देना पड़ेगा। पढ़ाई के लिए भेजी जाने वाली रकम पर टीसीएस हटाने की भी घोषणा हुई है बशर्तें यह रकम किसी वित्तीय संस्थान से एजुकेशन लोन के रूप में ली गई हो अब तक एजुकेशन लोन लेकर 7 लाख से ज्यादा पैसे बाहर भेजने पर 0.5 फ़ीसदी टीसीएस लगता है इससे विदेश में पढ़ने वाले बच्चों को पूरा पैसा मिलेगा ।