पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ भी खड़यंत्र रचा गया था, लेकिन जनता उनके साथ खड़ी हो गई और वे उससे बाहर निकल आए, जबकि सेंगर ऐसा नहीं कर पाए.
उन्नाव रेप कांड में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद देश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। इस फैसले को लेकर जहां विपक्षी दल और सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं, वहीं अब पूर्व भाजपा सांसद और कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह खुलकर कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में सामने आ गए हैं। उनके बयान ने इस संवेदनशील मामले को लेकर सियासी माहौल और ज्यादा गरमा दिया है।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत का वह स्वागत करते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सेंगर के साथ अन्याय हुआ था और उनके खिलाफ साजिश रची गई थी। बृजभूषण ने यह भी जोड़ा कि जिस तरह उनके खिलाफ “विश्व व्यापी षड्यंत्र” रचा गया था, ठीक उसी तरह कुलदीप सिंह सेंगर को भी साजिश का शिकार बनाया गया। उनके मुताबिक दोनों मामलों में सच्चाई से ज्यादा राजनीति और दबाव हावी रहा।
बृजभूषण शरण सिंह ने अपने बयान में खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके खिलाफ भी बड़े स्तर पर साजिश रची गई थी, लेकिन जनता उनके साथ खड़ी रही और वे उस दौर से बाहर निकल आए। उन्होंने कहा कि सेंगर के मामले में ऐसा नहीं हो सका और वह लंबे समय तक जेल में रहे। बृजभूषण का कहना था कि अगर समय पर निष्पक्ष माहौल मिलता, तो हालात कुछ और हो सकते थे।
उन्होंने आगे कहा कि “आज भी षड्यंत्र जारी है।” बृजभूषण शरण सिंह ने आरोप लगाया कि कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ साजिश करने वाले लोग अब भी सक्रिय हैं और अलग-अलग तरीकों से माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने धरना-प्रदर्शनों और विरोध प्रदर्शनों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ये सभी आंदोलन कहीं न कहीं से प्रेरित हैं और इनके पीछे कोई न कोई ताकत काम कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इससे उनका व्यक्तिगत रूप से कोई लेना-देना नहीं है।
पूर्व सांसद ने न्यायपालिका का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को “बाइज्जत जमानत” दी है और ऐसे में कोर्ट के फैसले का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक जब कोर्ट ने जमानत दी है, तो यह मानना चाहिए कि कानून ने सभी पहलुओं पर विचार किया होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भावनाओं में बहकर न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाना ठीक नहीं है।

गौरतलब है कि उन्नाव रेप कांड देश के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक रहा है। इस मामले ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और राजनीति के आपसी संबंधों पर गंभीर बहस छेड़ दी थी। कुलदीप सिंह सेंगर को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अब दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा में है।
बृजभूषण शरण सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भाजपा पहले से ही कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर है। विपक्षी दल इस जमानत को लेकर सरकार और सत्तारूढ़ दल पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं बृजभूषण जैसे नेताओं के बयान पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान न केवल सियासी तनाव बढ़ाते हैं, बल्कि पीड़िता और उसके परिवार की पीड़ा को भी नए सिरे से चर्चा में ले आते हैं।
कुल मिलाकर, कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत और बृजभूषण शरण सिंह के समर्थन वाले बयान ने उन्नाव रेप कांड को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के आसार हैं, क्योंकि यह मामला केवल एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि न्याय, संवेदनशीलता और राजनीतिक नैतिकता से भी जुड़ा हुआ है।
Also Read :
“कांग्रेस CWC बैठक में केंद्र सरकार घिरी, मनरेगा पर खरगे का तीखा बयान”