थाना फुरसतगंज क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 13 वर्षीय दलित नाबालिग 30 दिसंबर की देर शाम घर से बाहर सो के लिए गई हुई थी. तभी आरोपी उसे खींचकर ले गया और उसके साथ रेप किया.
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक बार फिर दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुरसतगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित समुदाय की एक किशोरी के साथ बलात्कार की सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ट्यूबवेल के कमरे में ले गया और वहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी, ताकि वह डर के कारण इस घटना की जानकारी किसी को न दे सके।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता किसी काम से घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान गांव का ही युवक शिवम् उसे किसी बहाने से अपने साथ ले गया। सुनसान स्थान का फायदा उठाकर आरोपी उसे ट्यूबवेल के कमरे में ले गया, जहां उसने किशोरी के साथ जबरदस्ती की। घटना के दौरान और बाद में आरोपी ने पीड़िता को लगातार धमकाया कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देगा। इस धमकी के चलते किशोरी गहरे सदमे और डर में आ गई।
घटना के बाद जब किशोरी घर लौटी तो उसकी हालत सामान्य नहीं थी। वह काफी डरी-सहमी और परेशान दिख रही थी। परिजनों को उसकी स्थिति पर शक हुआ और उन्होंने उससे बातचीत की। काफी समझाने और भरोसा दिलाने के बाद किशोरी ने हिम्मत जुटाकर अपने साथ हुई पूरी आपबीती परिजनों को बता दी। यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और सभी लोग गहरे सदमे में आ गए।
परिजनों ने बिना समय गंवाए फुरसतगंज थाने पहुंचकर आरोपी युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई थी। तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी युवक शिवम् को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि चिकित्सीय साक्ष्य एकत्र किए जा सकें और आगे की कानूनी प्रक्रिया को मजबूती मिल सके। इसके साथ ही पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए जाएंगे, जिससे मामले की जांच को न्यायिक आधार मिल सके।