पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा संकेत, योगी सरकार के मंत्री ने दी जानकारी !

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ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “पंचायत चुनाव के पर्चे छप गए हैं. चुनाव पर्चे छपकर जिलों में पहुंच गए हैं. पंचायत चुनाव समय पर कराए जाएंगे. सरकार जब चाहेगी तब चुनाव हो जाएंगे.”

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से स्थिति साफ न होने के कारण तरह-तरह की अटकलें और अफवाहें तेज़ हो गई हैं। कहीं चुनाव टलने की चर्चा है तो कहीं आरक्षण और आयोग से जुड़े कानूनी पेंच को लेकर संशय जताया जा रहा है।

इसी बीच योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए तस्वीर स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने साफ कहा है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव अपने तय समय पर ही होंगे और इसमें किसी तरह की कोई रुकावट नहीं है।

पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा संकेत, योगी सरकार के मंत्री ने दी जानकारी !
पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा संकेत, योगी सरकार के मंत्री ने दी जानकारी !

लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। उनके मुताबिक चुनाव से जुड़े पर्चे छप चुके हैं और सभी जिलों में भेज भी दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है और चुनाव कराने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। राजभर ने दो टूक शब्दों में कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर भ्रम फैलाने वालों को अब सच्चाई समझ लेनी चाहिए, क्योंकि सरकार चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “पंचायत चुनाव के पर्चे छप गए हैं। चुनाव से संबंधित सामग्री जिलों तक पहुंच चुकी है। पंचायत चुनाव समय पर कराए जाएंगे, इसमें कोई अड़चन नहीं है। सरकार जब चाहेगी, तब चुनाव हो जाएंगे।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी वे कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि पंचायत चुनाव टलने का कोई सवाल ही नहीं है।

जल्द जारी होगी मतदाता सूची

पंचायती राज मंत्री ने मतदाता सूची को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर पंचायत चुनाव को लेकर भ्रम फैला रहे हैं और यह प्रचार कर रहे हैं कि चुनाव टाल दिए जाएंगे। राजभर के मुताबिक, राज्य निर्वाचन आयोग इस महीने के अंत तक मतदाता सूची का प्रकाशन भी कर देगा। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची तैयार होने के बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का संदेह नहीं बचेगा। मंत्री ने दावा किया कि प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

ओबीसी आयोग को लेकर बना हुआ है विवाद

हालांकि, पंचायत चुनाव को लेकर एक बड़ा सवाल पिछड़ा वर्ग आयोग और ओबीसी आरक्षण को लेकर खड़ा हुआ है। दरअसल, मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग का कार्यकाल बीते साल अक्टूबर में समाप्त हो चुका है। इसके बाद यह बहस शुरू हो गई कि क्या वर्तमान स्थिति में ओबीसी आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव कराए जा सकते हैं या नहीं। इसी मुद्दे को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि चुनाव प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

इस मामले में योगी सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक हलफनामा भी दाखिल किया है। सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि पंचायत चुनाव से पहले नया पिछड़ा वर्ग आयोग गठित कर लिया जाएगा। हालांकि, इस प्रक्रिया में दो से छह महीने तक का समय लग सकता है। इसी कारण कुछ राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत चुनाव अपने तय समय से आगे खिसक सकते हैं।

विपक्ष का सरकार पर हमला

पंचायत चुनाव में संभावित देरी को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं। समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया है कि सरकार जानबूझकर पंचायत चुनाव टालना चाहती है। विपक्ष का कहना है कि आरक्षण और आयोग से जुड़े मामलों को समय रहते न सुलझाकर सरकार चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।

वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। सरकार का कहना है कि चुनाव से जुड़ी सभी संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और किसी भी वर्ग के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।

अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर

कुल मिलाकर, पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति फिलहाल बयानबाज़ी और दावों के बीच उलझी हुई नजर आ रही है। एक तरफ पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर पूरे भरोसे के साथ कह रहे हैं कि चुनाव समय पर होंगे, वहीं दूसरी ओर ओबीसी आयोग और कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर संशय बरकरार है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन तमाम चुनौतियों को कितनी जल्दी सुलझाती है और क्या पंचायत चुनाव वाकई अपने तय समय पर कराए जा पाते हैं या नहीं। आने वाले हफ्तों में तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।

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