लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान अखिलेश यादव शंकराचार्य के समक्ष जमीन पर बैठे नजर आए। मुलाकात के बाद उन्होंने गौ संरक्षण, कानून-व्यवस्था और प्रदेश की राजनीति समेत कई मुद्दों पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद गौ माता को लेकर बेहद चिंतित हैं और उनकी चिंता पूरे समाज की चिंता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विपक्ष के नेताओं पर लगातार एफआईआर दर्ज की जा रही है, जबकि विपक्ष द्वारा कराई जाने वाली शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही।
मंदिर परिसर से जुड़े विवादित मामले का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “यदि सभी संबंधित लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कराई जाए तो 99.9 प्रतिशत लोग भाजपा से जुड़े निकलेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रही और जांच पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि एसआईटी के एक सदस्य पर पहले से धोखाधड़ी (420) का मुकदमा दर्ज है और यह मामला “दिल्ली बनाम लखनऊ की लड़ाई” बन चुका है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के विचार वोट के हिसाब से बदलते हैं और उसके लिए धर्म नहीं, बल्कि धन प्राथमिकता बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने “महापाप” किया है और कहा कि केवल “सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है, क्योंकि सनातनी भी आज दुखी हैं।”
सपा प्रमुख ने महंगाई, बेरोजगारी और जनता की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने लोगों को केवल कष्ट और दुःख दिया है। उन्होंने भाजपा से विपक्ष पर हमले की राजनीति बंद करने की अपील करते हुए कहा कि उसकी राजनीति लोकतंत्र के लिए खतरा बनती जा रही है।
अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने कहा, “आज विपक्ष में हम हैं, कल भाजपा भी विपक्ष में होगी।” उनके इस बयान को आगामी चुनावों और प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।