ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से दिया इस्तीफा , बोलीं- ‘साध्वी थी और रहूंगी

Untitled design 28

किन्नर अखाड़े में विवाद के बीच ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर पद छोड़ा दिया है। इस बात की घोषणा उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करके दी है।

ममता कुलकर्णी ने किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने इस्तीफे की घोषणा की. ममता कुलकर्णी ने कहा कि आज किन्नर अखाड़े या दोनों अखाड़ों में मुझे लेकर विवाद है उसके चलते इस्तीफा दे रही हूं. मैं 25 साल से साध्वी हूं और आगे भी साध्वी रहूंगी.

mamta

उन्होंने कहा, “महामंडलेश्वर का मुझे जो सम्मान दिया गया था वो लोगों के लिए आपत्तिजनक हो गया. मुझे बॉलीवुड को छोड़े 25 साल हो गए हैं. मेकअप और बॉलीवुड को छोड़ना आसान नहीं है. मैंने देखा कि मेरे महामंडलेश्वर बनाए जाने से काफी लोगों को दिक्कत हो गई. मेरे जो गुरु हैं जिनके सानिध्य में मैंने घोर तपस्या की. उनके बराबर तो मुझे कोई दिखता नहीं है. मुझे किसी कैलाश या मनसरोवर जाने की जरूरत नहीं है. जिन लोगों को मुझसे आपत्ति है, उनके बारे में मैं कम बोलूं तो बेहतर होगा. मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मेरे पैसे के लेने देन की बात है तो मैंने करोड़ो रुपये नहीं दिए हैं.”

साथ ही उन्होंने कहा कि मेरे गुरु की बराबरी में कोई और नहीं- ममता ममता कहती हैं, एक शंकराचार्य ने कहा कि ममता कुलकर्णी दो अखाड़ों के बीच में फंस गई। लेकिन, मेरे गुरू स्वामी चैतन्य गगन गिरी महाराज हैं। जिनके सानिध्य में मैंने 25 साल तपस्या की है। उनकी बराबरी में मुझे कोई और नहीं दिखता। मेरे गुरू बहुत ऊंचे हैं। सब में अहंकार है। आपस में झगड़ रहे हैं। मुझे किसी कैलाश या हिमालय में जाने की कोई जरूरत नहीं है। सब ब्रह्मांड मेरे सामने है।