उत्तर भारत में अब मानसून जमकर बरस रहा है। मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड उत्तर प्रदेश पंजाब हरियाणा और राजस्थान में अगले कई दिनों में बहुत भारी बारिश की संभावना है। इस अवधि के दौरान उत्तर-पश्चिम मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा।
उत्तर भारत में मॉनसून ने पूरी तरह से दस्तक दे दी है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई मैदानी इलाकों में आज भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे से हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़कों का टूटना और जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं।

दिल्ली-एनसीआर में आज झमाझम बारिश के संकेत
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि बुधवार को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ और आसपास के इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
➡️ IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे तक दिल्ली-एनसीआर में मॉनसून सक्रिय रहेगा और 30 से 50 मिमी तक बारिश हो सकती है।
➡️ वायु गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है और AQI मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम मेहरबान
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी समेत पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी झमाझम बारिश के आसार हैं। खेतों के लिए यह बारिश खरीफ फसल के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह बारिश लगातार तीन-चार दिन बनी रही, तो धान की खेती को काफी फायदा मिलेगा। साथ ही गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को भी राहत मिलेगी।
हिमाचल में बारिश बनी आफत, जनजीवन अस्त-व्यस्त

वहीं दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। बीते 24 घंटों में किन्नौर, चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में भारी वर्षा के चलते:
- कई सड़कें धंस गईं या टूट गईं
- भूस्खलन के कारण वाहन फंसे
- नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया
- कई जगहों पर घर और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं
प्रदेश आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 4 लोगों की मौत और 12 घायल होने की पुष्टि हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-5 को कई जगहों पर बंद कर दिया गया है और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
हिमाचल सरकार ने संवेदनशील जिलों में रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी हैं। मुख्यमंत्री ने आपात बैठक कर सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
“लोगों को नदियों, नालों और ढलानों से दूर रखें, पर्यटकों की आवाजाही को नियंत्रित करें और ग्रामीण क्षेत्रों में हेल्पलाइन सक्रिय रखें।”
चार धाम यात्रा भी प्रभावित
भारी बारिश का असर उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर भी पड़ा है। बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले मार्गों पर भूस्खलन और मलबा जमा होने से यातायात रोक दिया गया है। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है और बारिश थमने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू होगी।
मौसम विभाग की सलाह
IMD और राज्य आपदा विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि:
- अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें
- जलभराव वाले क्षेत्रों से बचें
- पहाड़ी इलाकों में यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें
- मोबाइल में मौसम ऐप्स और आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाएं रखें
निष्कर्ष
जहां दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे मैदानी क्षेत्रों में बारिश राहत लेकर आई है, वहीं हिमाचल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में यह बारिश आफत बनकर टूटी है।
जरूरत इस बात की है कि लोग सावधानी बरतें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। मॉनसून की यह अनियमितता एक बार फिर जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल खड़ा कर रही है।
अगले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए मौसम के लिहाज़ से बेहद अहम होंगे।
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