सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, 82 मिनट तक दिखा ‘ब्लड मून’ !

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आज की रात खास रही क्योंकि आज रात पूरे 82 मिनट तक चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई दिया। चंद्र ग्रहण की ये खगोलीय घटना खास थी, कई देशों में लोगों ने चंद्रग्रहण का नजारा देखा। जानें क्यों आज का चंद्रग्रहण था खास?

सोमवार की रात आसमान में एक ऐसी खगोलीय घटना देखने को मिली, जिसे हमेशा के लिए याद रखा जाएगा। आठ सितंबर 2025 की रात कई देशों में पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई दिया। खास बात यह रही कि यह ग्रहण पूरे 82 मिनट तक चला और इस दौरान चंद्रमा ने अपना रूप बदलते हुए गहरे लाल रंग का ‘ब्लड मून’ धारण कर लिया। यह नजारा इतना अनोखा और दुर्लभ था कि खगोलविदों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी यह जीवन का अविस्मरणीय क्षण बन गया।

सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, 82 मिनट तक दिखा ‘ब्लड मून’ !
सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, 82 मिनट तक दिखा ‘ब्लड मून’ !

चंद्रमा का लाल रूप क्यों दिखा?

चंद्रमा का लाल रूप क्यों दिखा?
चंद्रमा का लाल रूप क्यों दिखा?

आम तौर पर जब चंद्रग्रहण होता है, तो पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है। इस दौरान सूर्य की सीधी रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। लेकिन जब यह पूर्ण चंद्रग्रहण होता है, तो पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की कुछ किरणों को मोड़कर चंद्रमा तक पहुंचाता है। यही किरणें लाल और नारंगी रंग की होती हैं, जिसकी वजह से चंद्रमा गहरे लाल रंग में बदल जाता है। यही कारण है कि इसे “ब्लड मून” कहा जाता है।

दशक का सबसे लंबा ग्रहण

आठ सितंबर को हुआ यह चंद्रग्रहण 82 मिनट तक चला। खगोलविदों का कहना है कि यह ग्रहण दशक के सबसे लंबे पूर्ण चंद्रग्रहणों में से एक रहा। आमतौर पर चंद्रग्रहण 30 से 60 मिनट तक रहता है, लेकिन इस बार यह डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक चला। यही कारण है कि इस ग्रहण ने खगोल प्रेमियों को खासा रोमांचित किया।

लोगों में उत्साह

भारत समेत दुनिया के कई देशों में लोग इस अद्भुत खगोलीय घटना को देखने के लिए देर रात तक जागते रहे। देशभर के वेधशालाओं और खगोल विज्ञान क्लबों ने इस मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, पटना और बेंगलुरु जैसे शहरों में लोग छतों और खुले मैदानों में इकट्ठा होकर ब्लड मून को निहारते दिखे। कई जगहों पर बड़ी स्क्रीन पर लाइव टेलिस्कोपिक व्यू दिखाया गया, जिससे लोग इस घटना का आनंद ले सकें।

सोशल मीडिया पर भी ‘#BloodMoon2025’ और ‘#LunarEclipse’ ट्रेंड करता रहा। लाखों लोगों ने चांद की लालिमा की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जो इंटरनेट पर वायरल हो गए।

धार्मिक मान्यताएं

भारत में चंद्रग्रहण केवल वैज्ञानिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है। परंपरा के अनुसार, ग्रहण के दौरान कई लोग व्रत रखते हैं और मंदिरों के द्वार बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान और दान-पुण्य करने की भी परंपरा है। इस बार भी देशभर में कई श्रद्धालुओं ने धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कर्मकांड पूरे किए।

वैज्ञानिकों की राय

वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे लंबे और पूर्ण चंद्रग्रहण बहुत कम देखने को मिलते हैं। यह केवल खगोल प्रेमियों के लिए ही नहीं बल्कि शोधकर्ताओं के लिए भी अध्ययन का बड़ा अवसर है। इस दौरान पृथ्वी के वायुमंडल में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जा सकता है।

अगला मौका कब मिलेगा?

खगोलविदों के मुताबिक, इतनी लंबी अवधि का पूर्ण चंद्रग्रहण अगले कई सालों तक देखने को नहीं मिलेगा। हालांकि आने वाले वर्षों में आंशिक और पूर्ण चंद्रग्रहण जरूर होंगे, लेकिन आठ सितंबर 2025 की तरह खूबसूरत और लंबे समय तक चलने वाला ब्लड मून देखने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना होगा।

निष्कर्ष

आठ सितंबर 2025 की रात दुनिया भर ने एक असाधारण खगोलीय घटना का आनंद लिया। 82 मिनट तक लालिमा से चमकता चांद न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह करोड़ों लोगों के लिए रोमांच और आस्था से जुड़ा पल भी था।

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