सपा MLA जय किशन साहू का बड़ा बयान — योगी की तारीफ, अंधभक्तों पर हमला !

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सीएम योगी के बयान “त्योहारों में जो भी खलल डालने का प्रयास करेगा, उसे जेल भेज दिया जाएगा.” कि सपा विधायक जय किशन साहू ने सराहना की है.

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों एक नया बयान सुर्खियों में है। समाजवादी पार्टी (सपा) के गाजीपुर सदर विधानसभा सीट से विधायक जय किशन साहू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान बिल्कुल सही है कि “त्योहारों में जो भी खलल डालने का प्रयास करेगा, उसे जेल भेज दिया जाएगा।

सपा MLA जय किशन साहू का बड़ा बयान — योगी की तारीफ, अंधभक्तों पर हमला !
सपा MLA जय किशन साहू का बड़ा बयान — योगी की तारीफ, अंधभक्तों पर हमला !

जय किशन साहू के इस बयान ने न केवल सपा के भीतर बल्कि पूरे प्रदेश के राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। आम तौर पर विपक्षी दलों से भाजपा नेताओं या सीएम योगी के प्रति आलोचना देखने को मिलती है, लेकिन इस बार एक सपा विधायक ने मुख्यमंत्री की नीति की सराहना करते हुए अपने ही पार्टी कार्यकर्ताओं को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है।

योगी आदित्यनाथ के बयान की तारीफ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया था कि त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की अराजकता, धार्मिक तनाव या कानून-व्यवस्था में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा था, “जो भी व्यक्ति त्योहारों की आड़ में शांति भंग करेगा या सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाएगा, उसे जेल भेज दिया जाएगा।”

सीएम के इस बयान पर जय किशन साहू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिल्कुल सही कहा है। त्योहारों पर शांति और सौहार्द बनाए रखना हर नागरिक का दायित्व है। जो भी व्यक्ति समाज में तनाव या नफरत फैलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी ही चाहिए।”

उन्होंने कहा कि “कानून-व्यवस्था किसी भी राज्य की पहचान होती है और अगर मुख्यमंत्री सख्ती दिखा रहे हैं तो यह जनता के हित में है।”

इकरा हसन पर दिए गए विवादित बयान की आलोचना

इकरा हसन पर दिए गए विवादित बयान की आलोचना
इकरा हसन पर दिए गए विवादित बयान की आलोचना

जय किशन साहू ने अपने बयान में केवल योगी आदित्यनाथ की तारीफ ही नहीं की, बल्कि सपा सांसद इकरा हसन को लेकर दिए जा रहे विवादित बयानों पर भी नाराजगी जताई। हाल के दिनों में कैराना से सपा सांसद इकरा हसन को लेकर कुछ लोगों ने उन्हें ‘मुल्ली’ और ‘आतंकवादी’ जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया था।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जय किशन साहू ने कहा, “जो लोग इकरा हसन जैसी शिक्षित और जनता से जुड़ी हुई महिला नेता को ‘मुल्ली’ या ‘आतंकवादी’ कहते हैं, वे असल में अंधभक्त हैं। ऐसे लोग समाज को तोड़ने का काम करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “राजनीति का उद्देश्य समाज को जोड़ना और विकास के रास्ते पर ले जाना होना चाहिए, न कि धर्म और जाति के नाम पर नफरत फैलाना।”

सपा और भाजपा के बीच बदलता समीकरण?

जय किशन साहू का यह बयान राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। क्योंकि समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच आमतौर पर वैचारिक मतभेद रहे हैं। सपा विधायक का भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री की नीति की सराहना करना यह संकेत देता है कि कुछ विपक्षी नेता अब राजनीतिक मुद्दों से ऊपर उठकर शासन और सुरक्षा के सवालों पर समर्थन करने को तैयार हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जय किशन साहू का यह बयान उनके व्यावहारिक और मध्यमार्गी रुख को दर्शाता है। उन्होंने सत्तारूढ़ दल की सकारात्मक पहल की प्रशंसा करते हुए अपने विरोधियों को भी यह संदेश दिया है कि राजनीति में आलोचना और प्रशंसा दोनों का संतुलन जरूरी है।

जनता के बीच सकारात्मक संदेश

गाजीपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के मतदाताओं के बीच जय किशन साहू की छवि एक जनप्रिय और सीधी बात करने वाले नेता की रही है। उन्होंने अपने बयानों से अक्सर जनता की भावनाओं को प्राथमिकता दी है। सीएम योगी की तारीफ कर उन्होंने यह संकेत दिया है कि शांति और विकास की बातों पर राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मैं सपा का कार्यकर्ता हूं और अपनी पार्टी के सिद्धांतों के साथ खड़ा हूं। लेकिन जब मुख्यमंत्री कोई अच्छा कदम उठाते हैं, तो उसकी सराहना करना भी जरूरी है। त्योहारों में शांति बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।”

निष्कर्ष

जय किशन साहू का यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई सोच का प्रतीक है — जहां राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, सही नीतियों और सख्त कानून-व्यवस्था की पहल का समर्थन किया जा रहा है।
उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ कर विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों को एक मजबूत संदेश दिया है कि राजनीति में विरोध का मतलब हमेशा आलोचना नहीं होता।

वहीं, इकरा हसन पर विवादित टिप्पणियां करने वालों को “अंधभक्त” कहकर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाज में नफरत फैलाने वाले किसी भी विचारधारा से वह सहमत नहीं हैं।

उनका यह बयान निश्चित रूप से आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति और सपा के अंदर विचारधारा की दिशा पर असर डाल सकता है।

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