तेज प्रताप की सभा में बवाल, लोगों ने दिखाया विरोध!

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महनार विधानसभा क्षेत्र में तेज प्रताप यादव जैसे ही सभा समाप्त कर बाहर निकले तो RJD समर्थकों ने उन्हें घेर लिया। तेज प्रताप की पार्टी JJD के उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर RJD के उम्मीदवार रविंद्र सिंह पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच महनार विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी सभा उस समय अफरातफरी में बदल गई जब आरजेडी नेता और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। सभा में पहुंचे तेज प्रताप यादव को न केवल नाराज़ समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ा बल्कि उनका काफिला भी पत्थरबाजी का शिकार बन गया। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है और आरजेडी खेमे में भी असहजता पैदा कर दी है।

तेज प्रताप की सभा में बवाल, लोगों ने दिखाया विरोध!
तेज प्रताप की सभा में बवाल, लोगों ने दिखाया विरोध!

सभा में ‘तेजस्वी जिंदाबाद’ के नारे

सभा में ‘तेजस्वी जिंदाबाद’ के नारे
सभा में ‘तेजस्वी जिंदाबाद’ के नारे

जानकारी के अनुसार, तेज प्रताप यादव शनिवार को महनार विधानसभा क्षेत्र पहुंचे थे, जहां उन्होंने आगामी चुनावों को लेकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए जनसभा की योजना बनाई थी। लेकिन सभा स्थल पर पहुंचते ही स्थिति अचानक बदल गई। वहां मौजूद बड़ी संख्या में आरजेडी समर्थकों ने उनके सामने ही “लालटेन छाप जिंदाबाद” और “तेजस्वी यादव जिंदाबाद” के नारे लगाने शुरू कर दिए।

शुरुआत में तेज प्रताप यादव ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन लोगों का आक्रोश इतना बढ़ गया कि नारेबाजी तेज होती गई। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि समर्थकों में यह असंतोष कई दिनों से simmer कर रहा था, क्योंकि उन्हें लगा कि तेज प्रताप संगठनात्मक ढांचे में दखल देने की कोशिश कर रहे हैं और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में असहमति पैदा कर रहे हैं।

काफिले को खदेड़ा गया, पत्थरबाजी से मची अफरातफरी

स्थिति तब और बिगड़ गई जब तेज प्रताप यादव सभा स्थल से निकलने लगे। नाराज़ समर्थकों ने उनका काफिला रोकने की कोशिश की और कुछ लोगों ने उनके वाहनों की ओर पत्थर फेंके। पत्थरबाजी से कुछ वाहनों के शीशे टूट गए, जिससे वहां अफरातफरी मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह तेज प्रताप यादव को सुरक्षित बाहर निकाला और काफिले को पुलिस की सुरक्षा में वहां से रवाना किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही वैशाली जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस ने किसी बड़ी चोट या गंभीर नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन उन्होंने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

राजनीतिक विरोध या अंदरूनी कलह?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना सिर्फ भीड़ के असंतोष का नतीजा नहीं बल्कि आरजेडी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान का भी संकेत है। तेज प्रताप यादव लंबे समय से अपने छोटे भाई और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर सवाल उठाते रहे हैं। पार्टी के भीतर कई मौकों पर उनके बयानों ने विवाद खड़ा किया है, जिससे समर्थक वर्ग दो खेमों में बंटा नजर आता है।

महनार की घटना को इसी गुटबाजी का परिणाम माना जा रहा है। कई स्थानीय नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव को लेकर जनता में लोकप्रियता ज्यादा है, जबकि तेज प्रताप की बयानबाज़ी और व्यवहार से कार्यकर्ता असहज महसूस करते हैं।

तेज प्रताप का बयान – “साजिश के तहत कराया गया हंगामा”

घटना के बाद तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ यह विरोध एक सुनियोजित साजिश थी। उन्होंने कहा, “मुझे बदनाम करने के लिए कुछ लोगों ने यह पूरा नाटक रचा है। मैं जनता से मिलने आया था, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया।” तेज प्रताप ने यह भी कहा कि वह महनार के लोगों से प्रेम करते हैं और जल्द ही फिर से वहां जाएंगे।

पार्टी की चुप्पी और विपक्ष के हमले

आरजेडी की ओर से इस घटना पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, शीर्ष नेतृत्व फिलहाल स्थिति को शांत करने और आंतरिक समन्वय साधने की कोशिश में जुटा है। वहीं, विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर आरजेडी पर निशाना साधा है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “जिस पार्टी में खुद भाई-भाई में एकता नहीं है, वह जनता को क्या एकजुट करेगी? महनार की घटना आरजेडी की अंदरूनी कलह का सबूत है।”

निष्कर्ष

महनार की यह घटना बिहार की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आई है। तेज प्रताप यादव के लिए यह न सिर्फ एक राजनीतिक झटका है बल्कि उनकी छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला प्रसंग बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि आरजेडी नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और क्या तेज प्रताप यादव अब भी चुनाव प्रचार में सक्रिय रहेंगे या फिलहाल पीछे हटने का फैसला करेंगे।

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