अमित शाह के नेतृत्व में खुफिया बैठक — दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई तय !

गृह मंत्री अमित शाह का गुरुवार का निर्धारित गुजरात दौरा रद्द कर दिया गया है. शाह को अहमदाबाद फूड फेस्टिवल और अहमदाबाद इंटरनेशनल बुक फेस्टिवल 2025 का उद्घाटन करना था

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाल किला इलाके के पास हुए कार विस्फोट ने पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इस धमाके के बाद केंद्र सरकार ने तुरंत एक्शन मोड अपनाते हुए जांच और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह गृह मंत्री अमित शाह ने अपने निजी आवास पर एक उच्च स्तरीय आपात बैठक बुलाई, जिसमें खुफिया एजेंसियों, गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक में आतंकी हमले की जांच की प्रगति, देशभर में सुरक्षा इंतजाम और संभावित खतरे के मद्देनज़र रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

अमित शाह के नेतृत्व में खुफिया बैठक — दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई तय !
अमित शाह के नेतृत्व में खुफिया बैठक — दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई तय !

बैठक में शामिल हुए सुरक्षा के बड़े अधिकारी

गृह मंत्री की इस अहम बैठक में NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) के महानिदेशक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के डायरेक्टर, गृह सचिव, और दिल्ली पुलिस कमिश्नर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी एजेंसियों ने अपनी-अपनी जांच रिपोर्ट और अब तक मिले इनपुट्स अमित शाह को सौंपे।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में लाल किला के पास हुई कार ब्लास्ट घटना की जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। NIA और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने बताया कि घटनास्थल से मिले सबूतों का फॉरेंसिक विश्लेषण चल रहा है। प्रारंभिक जांच में विस्फोटक के रूप में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल होने की संभावना जताई जा रही है।

गृह मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

गृह मंत्री ने दिए सख्त निर्देश
गृह मंत्री ने दिए सख्त निर्देश

बैठक के दौरान अमित शाह ने सभी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस हमले के पीछे शामिल हर व्यक्ति और संगठन तक पहुंचना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।

अमित शाह ने एजेंसियों से कहा कि जांच में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए और सभी राज्यों की खुफिया इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राजधानी ही नहीं, बल्कि देशभर के संवेदनशील धार्मिक स्थलों, पर्यटक स्थलों और सरकारी परिसरों में चौकसी बढ़ाई जाए।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

बैठक में दिल्ली की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने गृह मंत्री को बताया कि लाल किला, इंडिया गेट, संसद भवन और राजपथ जैसे उच्च सुरक्षा जोनों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही शहर के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते (BDS) तैनात किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया कि शहर के प्रमुख बाजारों, मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी निगरानी और ड्रोन सर्विलांस बढ़ाया गया है। वहीं, संदिग्ध वाहनों और लोगों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है।

NIA और IB की संयुक्त जांच

गृह मंत्रालय ने इस मामले में NIA और इंटेलिजेंस ब्यूरो को संयुक्त रूप से जांच करने का आदेश दिया है। जांच टीमों को यह पता लगाने का जिम्मा सौंपा गया है कि क्या यह धमाका किसी आतंकी संगठन की साजिश का हिस्सा था या फिर किसी स्थानीय मॉड्यूल द्वारा अंजाम दिया गया।

सूत्रों का कहना है कि एजेंसियां विस्फोट में इस्तेमाल वाहन और उसके मालिक की पहचान पर फोकस कर रही हैं। घटना स्थल से बरामद सीसीटीवी फुटेज, नंबर प्लेट और मोबाइल सिग्नल डेटा का विश्लेषण जारी है। शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियां देखने को मिली हैं, जिनकी पड़ताल जारी है।

देशभर में हाई अलर्ट

देशभर में हाई अलर्ट
देशभर में हाई अलर्ट

लाल किला विस्फोट के बाद दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के कई प्रमुख शहरों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने सभी राज्यों के पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि सार्वजनिक स्थलों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं। गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत केंद्र को भेजी जाए।

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

विपक्षी दलों ने घटना को लेकर सरकार से पारदर्शिता की मांग की है। कांग्रेस ने कहा कि यह घटना बताती है कि राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में अभी भी खामियां हैं। पार्टी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

अमित शाह का संदेश

बैठक के अंत में गृह मंत्री ने कहा, “भारत की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो लोग इस तरह के कायराना हमलों के पीछे हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। सभी एजेंसियों को समन्वय बनाकर जल्द से जल्द दोषियों तक पहुंचना होगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सहित देशभर में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।

लाल किला के पास हुए धमाके ने भले ही सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दी हो, लेकिन अमित शाह की इस आपात बैठक के बाद यह साफ संकेत मिला है कि केंद्र सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में है — और आने वाले दिनों में दोषियों तक पहुंचने के लिए जांच और तेज़ की जाएगी।

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