आतंकवाद और आंतकी गतिविधियों तो रोकने के लिए हरियाणा सरकार जल्द बना सकती हैं, एक नई विशेष इकाई. फरीदाबाद से विस्फोटकों की बरामदगी और दिल्ली बम ब्लास्ट के बाद सरकार ले सकती हैं, फैसला.
हरियाणा सरकार राज्य में आतंकवादी गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों को रोकने के लिए एक बड़ा और अहम कदम उठाने की तैयारी में है। प्रदेश में जल्द ही एक विशेष और समर्पित इकाई—आतंकवाद-निरोधक प्रकोष्ठ (Anti-Terrorism Cell / ATC)—स्थापित किया जा सकता है। इस दिशा में चर्चाएँ अंतिम चरण में हैं और आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि इसकी मंजूरी मिलते ही यह इकाई अन्य राज्यों की तर्ज पर हरियाणा में भी सक्रिय हो जाएगी।

► नई प्रकोष्ठ की जरूरत क्यों पड़ी?
बीते कुछ वर्षों में हरियाणा में अपराध और संगठित अपराध के साथ-साथ बाहरी राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ी आतंकवादी गतिविधियों के संकेत मिलने लगे हैं। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि राज्य का बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से जुड़ा है—जहाँ सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ अधिक रहती हैं।
ऐसे में राज्य में एक पेशेवर, समर्पित और अत्याधुनिक संसाधनों से लैस आतंकवाद-निरोधक प्रकोष्ठ की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
► फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी बना टर्निंग पॉइंट
पिछले सप्ताह फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक और संदिग्ध सामग्री बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हलचल बढ़ गई थी। जांच में यह संकेत मिले कि यह मामला सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि एक ‘सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल’ का हिस्सा हो सकता है।
इस मॉड्यूल में ऐसे लोग शामिल थे जो समाज में प्रतिष्ठित दिखने के बावजूद आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
इस हादसे ने हरियाणा सरकार और खुफिया एजेंसियों को चेतावनी दी है कि राज्य में ऐसे मॉड्यूल सक्रिय हो सकते हैं, जिनके खिलाफ त्वरित, तकनीकी और खुफिया आधारित कार्रवाई की आवश्यकता है।
► डीजीपी ओ.पी. सिंह ने कहा—“चर्चा काफी आगे बढ़ चुकी है”
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने बुधवार को बयान दिया कि
“आतंकवाद-निरोधक प्रकोष्ठ की स्थापना पर चर्चा काफी आगे बढ़ चुकी है। सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है और अनुमति मिलते ही इसे लागू किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि NCR से लगे जिलों—जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पलवल—में पहले ही आतंकवाद-विरोधी तंत्र को मजबूत किया गया है।
► ATC में क्या होगा खास?
प्रस्तावित आतंकवाद-निरोधक प्रकोष्ठ एक मल्टी-डिसिप्लिनरी, हाई-टेक और तेजी से प्रतिक्रिया देने वाली इकाई होगी। इसमें शामिल हो सकते हैं—
- साइबर मॉनिटरिंग यूनिट
- खुफिया विश्लेषण टीम (Intelligence Analysis Unit)
- त्वरित कार्रवाई दल (Quick Response Team)
- फील्ड ऑपरेशन टीम
- NIA व दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय सेल
ATC को अत्याधुनिक हथियार, संचार तकनीक, ड्रोन सर्विलांस और डिजिटल फॉरेंसिक समर्थन भी देने की योजना है।
► NCR की वजह से सुरक्षा और चुनौतीपूर्ण
हरियाणा दिल्ली से सटा हुआ है, और यहाँ से कई राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। यह भूगोल आतंकवादी संगठनों के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट, शेल्टर या मूवमेंट का मार्ग बन सकता है।
इसी वजह से दिल्ली पुलिस, IB, NIA और हरियाणा पुलिस के बीच समन्वय को मजबूत करना अनिवार्य है और ATC की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
► फरीदाबाद केस: अभी भी जारी है जांच
फरीदाबाद में बरामद विस्फोटकों के मामले की जांच कई स्तरों पर चल रही है। सूत्र बताते हैं कि गिरफ्तार व्यक्तियों के डिजिटल डिवाइस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड से कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे छापेमारी की जा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, इस मॉड्यूल का नेटवर्क NCR के बाहर भी फैला हो सकता है, जिसके कारण मामले की जांच केंद्र की एजेंसियों के साथ समन्वय में की जा रही है।
► सरकार का संदेश: “प्रदेश सुरक्षित, कार्रवाई और सख्त होगी”
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा आतंकवादी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देगा। नए प्रकोष्ठ की स्थापना के साथ यह नेटवर्क और अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और प्रोफेशनल तरीके से काम करेगा।
Also Read :
पटना को मिला नया कनेक्टिविटी हब, मलाही पकड़ी तक मेट्रो जनवरी में शुरू !