आतिशी के बयान से मचा सियासी बवाल, BJP ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और गायब होने का लगाया आरोप

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AAP नेता आतिशी मार्लेना के 6 जनवरी के बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि आतिशी ने सिख गुरुओं के प्रति अभद्र शब्दों का प्रयोग किया.

दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर धर्म, आस्था और बयानबाजी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (आप) की वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना के एक बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी का आरोप है कि आतिशी के बयान से सिख समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इसके बाद से उनका सार्वजनिक मंचों से अचानक गायब हो जाना उनके कथित अपराधबोध को दर्शाता है।

आतिशी के बयान से मचा सियासी बवाल, BJP ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और गायब होने का लगाया आरोप
आतिशी के बयान से मचा सियासी बवाल, BJP ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और गायब होने का लगाया आरोप

दिल्ली बीजेपी के मीडिया प्रमुख एवं प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और आतिशी मार्लेना को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में दिए गए आतिशी के भाषण में सिख गुरू साहिबान के प्रति कथित रूप से अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे सिख समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। बीजेपी प्रवक्ता का कहना है कि यह बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की मर्यादा के भी खिलाफ है।

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प्रवीण शंकर कपूर ने दावा किया कि आतिशी मार्लेना अपने इस बयान के बाद से दिल्ली विधानसभा, सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया के सामने नजर नहीं आ रही हैं। उन्होंने कहा, “आतिशी जी का विधानसभा और सार्वजनिक मंचों से अचानक गायब हो जाना इस बात का संकेत है कि उन्हें अपने शब्दों की गंभीरता का अहसास हो चुका है। यह उनकी स्वीकारोक्ति है कि उन्होंने जो कहा, वह गलत था।” बीजेपी का आरोप है कि अगर आतिशी को अपने बयान पर कोई पछतावा नहीं होता, तो वह सामने आकर सफाई देतीं।

बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा खुद को प्रगतिशील और संवेदनशील राजनीति करने वाली पार्टी बताती है, लेकिन उसके नेताओं के बयान बार-बार धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले सामने आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आतिशी के बयान ने सिख समुदाय को आक्रोशित किया है और पार्टी को इस पर तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

इस पूरे विवाद के बाद दिल्ली की सियासत में बयानबाजी और तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि आम आदमी पार्टी जानबूझकर ऐसे मुद्दों पर बयान देती है, जिससे समाज में विभाजन पैदा हो और राजनीतिक लाभ लिया जा सके। वहीं, बीजेपी ने यह भी सवाल उठाया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मुद्दे पर चुप क्यों है।

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आतिशी मार्लेना की ओर से भी बीजेपी के आरोपों पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। विपक्ष का कहना है कि चुप्पी खुद में बहुत कुछ बयां कर रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली में आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए ऐसे मुद्दे और ज्यादा तूल पकड़ सकते हैं। धर्म और आस्था से जुड़े मामलों पर बयान हमेशा संवेदनशील होते हैं और राजनीतिक दल इन्हें लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हैं। इस मामले में भी बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाकर आम आदमी पार्टी को घेरने की कोशिश में जुटी है।

कुल मिलाकर, आतिशी मार्लेना के 6 जनवरी के बयान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब दिल्ली की राजनीति में एक बड़े सियासी तूफान का रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि आम आदमी पार्टी इस आरोप पर क्या रुख अपनाती है, आतिशी खुद सामने आकर सफाई देती हैं या नहीं, और क्या यह मुद्दा राजनीतिक तौर पर और ज्यादा गरमाता है।

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