संसद में सरकार और विपक्ष के बीच नहीं थम रहा विवाद

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मंगलवार को संसद के बजट सत्र के दूसरे भाग का दूसरा दिन हैं। बजट सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच नोकझोंक लगातार जारी है।

संसद के बजट सत्र का दूसरा भाग सोमवार 10 मार्च से शुरू हो चुका है। सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में विपक्ष की ओर से काफी हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में विपक्षी दलों और सरकार के बीच NEP और त्रिभाषा नीति को लेकर नोकझोंक देखने को मिली थी। इसके अलावा लोकसभा सीटों के परिसीमन, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोटर टर्न आउट के मुद्दे पर भी बहस हुई। माना जा रहा है कि मंगलवार को भी सरकार और विपक्ष के बीच बहस देखने को मिल सकती है। बताया जा रहा है कि विपक्ष मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर, मणिपुर में हिंसा और ट्रंप प्रशासन के साथ भारत के संबंधों जैसे मुद्दों को उठाने की योजना बना रहा है. जबकि सरकार का फोकस अनुदान मांगों के लिए संसद की मंजूरी प्राप्त करने, बजटीय प्रक्रिया पूरी करने, मणिपुर बजट के लिए अनुमोदन प्राप्त करने और वक्फ… संशोधन विधेयक पारित करने पर होगा.

इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा के लिए संसद की मंजूरी के लिए एक वैधानिक प्रस्ताव पेश कर सकते हैं. वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को मणिपुर का बजट भी पेश करेंगी. क्योंकि मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है.

क्या है विपक्ष का आरोप

विपक्ष ने कहा कि वह डुप्लीकेट मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) संख्या के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है.
बीते दिनों तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाने में मुख्य भूमिका निभाई है, जिसके बाद चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि वह अगले तीन महीनों के अंदर सुधारात्मक कदम उठाएगा. हालांकि, चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि वह अगले तीन महीनों के अंदर सुधारात्मक कदम उठाएगा. हालांकि, चुनाव आयोग ने टीएमसी के इस दावे को खारिज कर दिया था कि अन्य राज्यों मतदाताओं को पश्चिम बंगाल में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अनुमति देने के लिए मतदाता सूचियों में हेरफेर किया गया था. चुनाव आयोग ने ये भी स्पष्ट किया कि कुछ मतदाताओं के मतदाता पहचान पत्र क्रमांक समान हो सकते हैं, लेकिन डेमोग्राफिक इंफॉर्मेशन, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र जैसे अन्य जानकारी अलग-अलग होंगे. टीएमसी के नेता सोमवार को चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे और उन्होंने बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को उठाने के लिए कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना-यूबीटी समेत अन्य विपक्षी दलों को भी एकजुट किया है |

वक्फ संशोधन विधेयक पारित कराने पर होगा फोकस

सरकार के लिए वक्फ संशोधन विधेयक को जल्दी पारित कराना पहली प्राथमिकता होगा. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल ही में संपन्न हुए इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कहा था कि सरकार वक्फ संशोधन विधेयक को जल्दी पारित कराने की इच्छुक है, क्योंकि इससे मुस्लिम समुदाय के कई मुद्दों का हल होगा. संसद की संयुक्त समिति ने विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच विधेयक पर अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश कर दी है.

‘इंडिया ब्लॉक करेगा विचार-विमर्श’

वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि विपक्षी इंडिया ब्लॉक के नेता वक्फ विधेयक का संयुक्त रूप से विरोध करने के लिए विचार-विमर्श करेंगे.

कांग्रेस नेता ने ये भी कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा उठाती रहेगी और आरोप लगाएगी कि चुनाव अब स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रह गए हैं और इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान ट्रंप की रेसिप्रोकल-टैरिफ की धमकियों का मुद्दा उठाएगी और इन धमकियों से निपटने के लिए द्विदलीय सामूहिक संकल्प का आह्वान किया ।