छात्रों के समर्थन में उतरे सचिन तेंदुलकर, बोले- मेहनत की कद्र होनी चाहिए, नकल की नहीं..
मेरे पिता एक प्रोफेसर थे। वे अनेक युवा विद्यार्थियों के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने बचपन से मुझे एक बात सिखाई थी— “असफल होना ठीक है, लेकिन धोखा देना कभी ठीक नहीं। कभी भी शॉर्टकट मत अपनाओ।” समाज के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसी संस्कृति का निर्माण करें। यदि…